CJI Surya Kant on CJP protester plea: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने बुधवार को सीजेपी मार्च के दौरान दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता से कहा कि “हमारा समय बर्बाद न करें।” जब वकील ने बताया कि पुलिस की ज्यादती दिखाने वाले वीडियो मौजूद हैं, तो CJI ने कहा, “हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है।”
मुख्य न्यायाधीश (CJI) के इस बड़ी टिप्पणी और सुनवाई से इनकार करने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है. इस बीच सौरव दास ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं.
ऐसे लोग हमारे लोकतंत्र पर धब्बा- सौरव दास
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सौरव दास की एक पोस्ट तेजी से शेयर की जा रही है. पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “इतनी ज़्यादा ताक़त वाले पदों पर बैठे ऐसे लोग हमारे लोकतंत्र पर धब्बा हैं. हमारा सुप्रीम कोर्ट इससे बेहतर का हकदार है. सूर्यकांत जी को समझना चाहिए कि इतना अहंकार ठीक नहीं है. भारत सरकार को उन्हें समझाना चाहिए.”
Such people in positions of so much power are a blot on our democracy. Our Supreme Court deserves better. Surya Kant ji must realise that so much arrogance is not good. Government of India must counsel him. https://t.co/APlRoPPzpN
— Saurav Das (@SauravDassss) July 22, 2026
गौर हो कि कॉकरोच जनता पार्टी नीट और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए लंबे समय से जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। सीजेपी, नीट पेपर लीक के मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसके अलावा वह परीक्षा प्रणाली में सुधार और मृत छात्रों के परिजनों के लिए मुआवजा भी मांग रही है। इन्हीं मांगों को लेकर हुए संसद मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े और हल्का बल प्रयोग भी किया गया.















