
इंटरनेशनल डेस्क: चीन के GDP डेटा पर सवाल उठाने वाले दिग्गज अर्थशास्त्री गाओ शानवेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उन्होंने 55 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। करीब एक साल तक सोशल लाइफ से दूर रहे गाओ शानवेन के निधन पर लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
‘शंघाई सिक्योरिटीज न्यूज़’ की रिपोर्ट के अनुसार, गाओ शानवेन के निधन की वजह बीमारी बताई गई है। हालांकि, उनकी मौत के समय के बारे में नहीं बताया गया। इस बीच, एक करीबी सूत्र ने बताया कि गाओ ने अपने दोस्तों को यह सूचना दी थी कि जनवरी 2025 में उन्हें कैंसर होने का पता चला था।
2024 के अंत में चर्चा में आए थे गाओ शानवेन
बता दें कि गाओ शानवेन वर्ष 2024 के अंत में तब वैश्विक चर्चा का केंद्र बने, जब उन्होंने वाशिंगटन में ‘पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स’ और एक चीनी थिंक-टैंक द्वारा आयोजित एक संयुक्त सम्मेलन में बीजिंग के आधिकारिक आंकड़ों को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि 2021 से 2023 के बीच चीन की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर औसतन महज 2 प्रतिशत के आसपास रही होगी, जो कि सरकारी आंकड़ों (लगभग 5 प्रतिशत) से काफी कम है। उनका दावा था कि सरकारी डेटा में वास्तविक विकास दर को करीब 10 प्रतिशत अंक तक बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया हो सकता है।
गाओ के बयानों से नाराज था चीन का केंद्रीय नेतृत्व
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाओ ने युवा बेरोजगारी और सरकार की ढीली आर्थिक नीतियों पर भी गहरी चिंता जताई थी। उनके बयानों से चीन का केंद्रीय नेतृत्व काफी नाराज था, जिसके चलते उन पर सार्वजनिक रूप से बोलने पर रोक लगा दी गई थी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उनके वीडियो, लेख और अकाउंट्स को डिलीट कर दिया गया था। सरकारी नियंत्रण वाले इन्वेस्टमेंट ग्रुप ‘SDIC सिक्योरिटीज’ के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री गाओ शानवेन को नवंबर 2025 में उनके पद से हटा दिया गया और उनका हांगकांग इन्वेस्टमेंट एडवाइजर लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया था।












