बिजनेस डेस्कः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाने की रणनीति उलटी पड़ती नजर आ रही है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चेतावनी दी है कि अमेरिका इस समय मंदी के मुहाने पर खड़ा है। एजेंसी का कहना है कि मौजूदा हालात कोविड महामारी से भी ज्यादा गंभीर हैं और अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो सबसे ज्यादा असर नौकरियों पर पड़ेगा।
मूडीज चीफ इकनॉमिस्ट का दावा
मूडीज के चीफ इकनॉमिस्ट मार्क जैंडी ने कहा कि आंकड़ों के विश्लेषण से साफ है कि कई अमेरिकी राज्य पहले ही मंदी में हैं और बाकी उसके कगार पर खड़े हैं। जैंडी वही अर्थशास्त्री हैं, जिन्होंने 2008 की वैश्विक मंदी की भी पहले भविष्यवाणी की थी।
नागरिकों पर दोहरा संकट
जैंडी के मुताबिक इस बार अमेरिकी नागरिकों को दोहरा झटका लग सकता है—
महंगाई बढ़ेगी और रोजमर्रा की चीजें महंगी होंगी।
नौकरियों पर संकट गहराएगा, जिससे आमदनी घटेगी।
इससे आम अमेरिकियों पर खर्च और कमाई का संतुलन बिगड़ने का खतरा है।
किन राज्यों पर असर
कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे बड़े राज्यों पर मंदी का असर साफ दिख रहा है। वहीं वॉशिंगटन डीसी, वायोमिंग, मोंटाना, मिनेसोटा, मिसिसिपी, कंसास और मैसाचुसेट्स जैसे राज्य भी प्रभावित हैं। सरकारी नौकरियों में भी कटौती देखने को मिल रही है।
मंदी के संकेत
अमेरिका की महंगाई दर 2.7% पर है, जो जल्द 4% तक पहुंच सकती है।
साल 2025 में जॉब मार्केट बेहद कमजोर है। अब तक औसतन हर महीने सिर्फ 85,000 नई नौकरियां जुड़ी हैं, जबकि कोविड काल में भी यह आंकड़ा 1.75 लाख के आसपास था।
इससे साफ है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था फिलहाल एक नए और गहरे संकट से गुजर रही है।
















