- बेटियों के विवाह के लिए मान सरकार की बड़ी पहल: ‘आशीर्वाद योजना’ के तहत ₹28.01 करोड़ जारी
- राज्य के 19 जिलों के 5,492 अनुसूचित जाति परिवारों को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ: डॉ. बलजीत कौर
- डीबीटी (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी ₹51,000 की आशीर्वाद राशि
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिए पंजाब सरकार प्रतिबद्ध
चंडीगढ़: जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मान और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान ‘आशीर्वाद योजना’ के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के 5,492 लाभार्थियों के लिए ₹28.01 करोड़ की राशि जारी की है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य के 19 जिलों के पात्र लाभार्थियों के लिए यह वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अपनी बेटियों का विवाह सम्मान और आत्मविश्वास के साथ संपन्न कर सकें।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के आधार पर बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, पठानकोट, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर, एस.बी.एस. नगर, संगरूर और मालेरकोटला जिलों के लाभार्थियों को इस नई जारी की गई सहायता राशि का लाभ मिलेगा।
जिला-वार आंकड़ों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस राशि से फाजिल्का के 882, पटियाला के 611, फिरोजपुर के 604, लुधियाना के 403, मोगा के 400, श्री मुक्तसर साहिब के 384, होशियारपुर के 333, गुरदासपुर के 297, बरनाला के 288 तथा एस.बी.एस. नगर के 219 लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
इसी प्रकार बठिंडा के 163, फतेहगढ़ साहिब के 160, संगरूर के 160, एस.ए.एस. नगर के 114, जालंधर के 114, रूपनगर के 104, फरीदकोट के 103, मालेरकोटला के 95 तथा पठानकोट के 58 अनुसूचित जाति लाभार्थियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
योजना की विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पात्र परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदक पंजाब का स्थायी निवासी होना चाहिए, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवनयापन कर रहा हो तथा परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹32,790 से कम हो। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ प्राप्त करने की पात्र हैं।
उन्होंने आगे बताया कि पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए यह सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पारदर्शी एवं जनहितैषी पहलों के माध्यम से अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और राज्य में सामाजिक न्याय को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।















