
डेस्क: हरियाणा/केंद्रीय प्रशासनिक गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। करोड़ों रुपये के बहुचर्चित बैंक घोटाले के मामले में सीबीआई (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रदीप डागर को गिरफ्तार कर लिया है। बेहद नाटकीय घटनाक्रम के तहत यह गिरफ्तारी ठीक उसी दिन हुई, जिस दिन आईएएस डागर सरकारी सेवा से रिटायर हो रहे थे। इस मामले में गिरफ्तार होने वाले वे तीसरे आईएएस अधिकारी बन गए हैं।
जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले उठाया
सीबीआई की संभावित कार्रवाई को भांपते हुए आईएएस प्रदीप डागर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की याचिका दायर की थी। लेकिन कानून का शिकंजा इतनी तेजी से कसा कि कोर्ट में इस याचिका पर औपचारिक सुनवाई शुरू होने से ऐन पहले ही सीबीआई की टीम ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया।
बैंक घोटाले की आंच में झुलसे कई बड़े अफसर
इस बड़े बैंक घोटाले की जांच पिछले काफी समय से चल रही है, जिसमें सरकारी फंड्स और बैंक लोन के हेरफेर के आरोप हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि प्रदीप डागर के कार्यकाल के दौरान कई नियमों को ताक पर रखकर वित्तीय गड़बड़ियों को अंजाम दिया गया। प्रदीप डागर से पहले भी इसी घोटाले के सिलसिले में दो अन्य आईएएस अधिकारी सलाखों के पीछे जा चुके हैं। आम तौर पर रिटायरमेंट का दिन विदाई और सम्मान का होता है, लेकिन डागर के लिए यह दिन सीधे जेल की सलाखों तक ले जाने वाला साबित हुआ।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, प्रदीप डागर जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही यह कदम उठाया गया है। अब उन्हें रिमांड पर लेकर घोटाले से जुड़े अन्य रसूखदारों के नामों का पता लगाया जाएगा।

















