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AI से 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था को 500 अरब डॉलर का फायदा संभव: रिपोर्ट

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नई दिल्लीः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा ग्रोथ इंजन बन सकती है। IBM और IndiaAI की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, AI वर्ष 2030 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का योगदान दे सकती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है बड़ा फायदा
‘फ्रॉम प्रॉमिस टू पावर: हाउ एआई इज रीडिफाइनिंग इंडियाज इकॉनमिक फ्यूचर’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि AI भारत को दुनिया की सबसे गतिशील AI-आधारित अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर सकती है। रिपोर्ट 1,500 भारतीय अधिकारियों के सर्वेक्षण और 405 वरिष्ठ अधिकारियों के त्वरित अध्ययन पर आधारित है।

80% कारोबारी प्रमुखों को AI पर भरोसा
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल 80 प्रतिशत भारतीय कारोबारी प्रमुखों का मानना है कि AI में निवेश देश की GDP वृद्धि को सीधे प्रभावित करेगा। वहीं 73 प्रतिशत अधिकारियों का विश्वास है कि 2030 तक भारत AI क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है।

भारत की डिजिटल ताकत बनी बड़ी वजह
रिपोर्ट में भारत के बड़े बाजार, मजबूत डिजिटल सार्वजनिक ढांचे और विशाल आईटी कार्यबल को AI क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी ताकत बताया गया है। हालांकि फिलहाल केवल 15 प्रतिशत संगठन ही बड़े स्तर पर AI को लागू कर रहे हैं, जबकि 85 प्रतिशत कंपनियां अभी शुरुआती चरण में हैं।
सरकार का मानव-केंद्रित AI पर जोर
S. Krishnan ने कहा कि भारत अब केवल वैश्विक AI चर्चा में भाग नहीं ले रहा, बल्कि उसे दिशा भी दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भरोसेमंद, नैतिक और मानव-केंद्रित AI मॉडल विकसित करना है, जो समावेशी विकास और राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाए।

कौशल और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश जरूरी
Sandeep Patel के अनुसार, AI भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे शक्तिशाली विकास इंजनों में से एक बन सकती है। उन्होंने कहा कि मजबूत डेटा सिस्टम, हाइब्रिड आर्किटेक्चर और AI-तैयार कार्यबल पर निवेश से भारत अपनी AI महत्वाकांक्षाओं को वास्तविक आर्थिक प्रभाव में बदल सकता है।