चंडीगढ़: हरियाणा में जनसभा, धरना-प्रदर्शन और रैलियों पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर राजनीति गरमा गई है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में सरकार द्वारा 10 जून को जारी आदेश को वापस लेने की मांग की गई है, जिसमें सितंबर तक धरना-प्रदर्शन और रैली करने पर रोक लगाई गई है।
चंडीगढ़ स्थित प्रदेश कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति और मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों की बचत की पक्षधर है, लेकिन किसी भी नीति को संविधान, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए।

उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होती है, ऐसे में धरना-प्रदर्शन और राजनीतिक कार्यक्रमों पर पाबंदी लगाना लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।
अभय चौटाला ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जूझ रही है, लेकिन इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय जनता की आवाज उठाने वालों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति जताना और सरकार से जवाब मांगना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।












