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मुख्यमंत्री भगवंत मान की बड़ी घोषणा; एच.आर.-2 रोड अब ‘शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह मार्ग’ के नाम से जानी जाएगी

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चंडीगढ़ : अपने शूरवीरों की कुर्बानी को कभी भी लोगों के मन से भुलाने न देने का संकल्प लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने न्यू चंडीगढ़ में आज 200 फुट चौड़ी एच.आर.-2 रोड और एक पार्क अनंतनाग में देश की रक्षा करते हुए अपनी जान निछावर करने वाले शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह (कीर्ति चक्र) को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे शहीद हमारा मान और सरमाया हैं और पंजाब सरकार हमेशा उनके परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेगी।” उन्होंने दोहराया कि सरकार सशस्त्र बलों के जवानों और उनके परिवारों की भलाई के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही।

एक्स पर पोस्ट में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं महान योद्धा शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह (कीर्ति चक्र) की शहादत दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने अनंतनाग में देश की रक्षा करते हुए शहादत का जाम पिया। इस शूरवीर के प्रति सम्मान स्वरूप आज हम मुंधोपुर चौक से टी-पॉइंट तक की सड़क का नाम ‘शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह मार्ग’ और सेक्टर 5-ए के पार्क का नाम ‘शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह पार्क’ रखा है। गांव भड़ौंजीया के इस बहादुर सपूत की अनूठी कुर्बानी हमारी युवा पीढ़ी को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। हमारे शहीद हमारा मान और सरमाया हैं और पंजाब सरकार हमेशा उनके परिवारों के साथ खड़ी रहेगी। इंकलाब जिंदाबाद।”

शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह के नाम पर सड़क और पार्क समर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीद को गर्मजोशी भरी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “इस अवसर पर प्रदेश सरकार इस बहादुर योद्धा द्वारा देश के लिए दी गई कुर्बानी को याद करती है। इस शूरवीर ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए दुश्मन से लोहा लेते हुए महान कुर्बानी दी है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “उनकी याद में प्रदेश सरकार ने मुल्लापुर चौक से टी-पॉइंट तक की 200 फुट चौड़ी सड़क का नाम ‘शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह मार्ग’ रखा है।”

उन्होंने बताया, “इसी तरह सेक्टर 5-ए ब्लॉक के पार्क का नाम उनकी याद और कुर्बानी को श्रद्धांजलि स्वरूप ‘शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह पार्क’ रखा गया है। पंजाब के इस बहादुर पुत्र, खास करके गांव भड़ौंजीया के सपूत के नाम पर इन सार्वजनिक स्थानों के नाम रखकर प्रदेश सरकार ने उनकी महान कुर्बानी को श्रद्धांजलि अर्पित की है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उम्मीद जताई कि यह पहल पंजाब के युवाओं को देश की निःस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इससे आने वाले समय में पंजाब की जवानी को देश की निःस्वार्थ सेवा करने की प्रेरणा मिलेगी। शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह की बहादुरी, नेतृत्व और कुर्बानी हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।”

शहीद के सेवा रिकॉर्ड को याद करते हुए उन्होंने कहा, “शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह 13 सितंबर 2023 को 19 राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में सेवा निभाते हुए शहीद हुए थे। कर्नल मनप्रीत सिंह ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों से मुकाबले के दौरान बेमिसाल बहादुरी का प्रदर्शन किया और देश की सेवा में अपनी जान न्यौछावर कर दी।”

शहीद को मिले सम्मान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “उनकी अद्वितीय बहादुरी और अजीम कुर्बानी को मान्यता देते हुए भारत सरकार ने 15 अगस्त 2024 को उन्हें मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन बहादुरी पुरस्कार ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया था।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “कर्नल मनप्रीत सिंह का जन्म 1982 में गांव भड़ौंजीया में हुआ था और उन्होंने अपनी प्रारंभिक व उच्च शिक्षा मोहाली और चंडीगढ़ से प्राप्त की थी।” उन्होंने आगे बताया, “अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए वे 2005 में भारतीय सेना में कमीशंड ऑफिसर के रूप में भर्ती हुए थे।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “उनका बहादुरी, समर्पण और देश के प्रति निःस्वार्थ सेवा भरा जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। प्रदेश सरकार इस बहादुर सपूत की विरासत को अमर रखने के लिए प्रतिबद्ध है।”

शहादत देने वाले जवानों के परिवारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “देश की एकता और अखंडता की रक्षा में सशस्त्र बलों, अर्ध-सैनिक बलों, पुलिस और अग्निवीरों के बेमिसाल योगदान को सम्मान अर्पित करते हुए प्रदेश सरकार ड्यूटी के दौरान जवान की शहादत पर परिवार को एक करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता देती है।”

उन्होंने कहा, “यह सशस्त्र बलों, अर्ध-सैनिक बलों और पुलिस के जवानों तथा उनके परिवारों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “सरकार की यह छोटी-सी पहल एक ओर पीड़ित परिवार की मदद करने और दूसरी ओर उनके भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर दिया है।”

उन्होंने कहा, “प्रदेश सरकार के साझा प्रयासों से सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार देखने को मिला है।”

सरकारी स्कूलों के छात्रों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्र जे.ई.ई., नीट और अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं में धमाल मचा रहे हैं, जो हमारे लिए संतोष की बात है।”

इस अवसर पर लोकसभा सदस्य मालविंदर सिंह कंग और अन्य शख्सियतें भी मौजूद थी।