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स्वस्थ, नशामुक्त ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए खेलों को अपनाएं: कुलतार सिंह संधवां

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चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां ने आज राज्य के युवाओं से खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की, ताकि उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा सके और पंजाब की सदियों पुरानी खेल विरासत का गौरव बहाल किया जा सके।

स्पीकर ने कहा कि हमारी सरकार खेलों में राज्य का गौरव बहाल करने के उद्देश्य से ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा, “इस पहल के माध्यम से पंजाब के युवा खेलों के प्रति प्रेरित होंगे, जिससे खेलों में उनकी भागीदारी और बढ़ेगी।” उन्होंने आगे कहा कि यह पहल हर गांव, कस्बे और शहर में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रोत्साहन और निखार के लिए एक उत्कृष्ट मंच के रूप में कार्य करती है। इससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने और उत्कृष्टता हासिल करने का सुनहरा अवसर मिलता है।

स्पीकर संधवां ने जोर देकर कहा कि खेल व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय और मानसिक रूप से सजग रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा, “खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक हैं, बल्कि लंबे और स्वस्थ जीवन में भी इनका अमूल्य योगदान है। यह जरूरी है कि हम खेलों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।”

खेलों के माध्यम से मिलने वाले जीवन के सबक का उल्लेख करते हुए स्पीकर ने कहा कि खेल हमें संघर्ष करते रहने, लचीलापन बनाए रखने और प्रगति के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा, “खेल हमें सिखाते हैं कि जीवन की चुनौतियों को कैसे पार करना है। वे दर्शाते हैं कि सफलता केवल निरंतर कड़ी मेहनत और अथक प्रयासों से प्राप्त की जाती है। यही समर्पण अंततः हमारे युवाओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और देश के लिए पदक जीतने योग्य बनाता है।”

खेल उत्कृष्टता के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स. संधवां ने कहा कि पंजाब सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों के कल्याण के लिए अथक प्रयास कर रही है। इन निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है और पंजाब के युवा खेलों में नई तथा गहरी रुचि दिखा रहे हैं।

स्पीकर ने कहा, “यदि हम अपने राज्य को जीवंत और ‘रंगला पंजाब’ बनाना चाहते हैं, तो हमारे युवाओं को खेलों को अपनाने की आवश्यकता है। तभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करके देश के लिए गौरव अर्जित करना संभव होगा।”

उन्होंने आगे जोर दिया कि खेल सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध एक शक्तिशाली ढाल के रूप में कार्य करते हैं और युवाओं को नशों से पूरी तरह दूर रहने की प्रेरणा देते हैं। सक्रिय जीवनशैली अपनाकर युवा पीढ़ी स्वयं को नशे के दुरुपयोग से दूर रख सकती है और स्वस्थ, शांतिपूर्ण तथा उद्देश्यपूर्ण जीवन जी सकती है।