Punjabi News

हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए बदले की राजनीति: गिरफ्तारी संबंधी NCSC के आदेश पर राजा वड़िंग

11

चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज कहा कि करीब दस महीने पुराने एक मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) द्वारा पंजाब के अधिकारियों को पांच दिनों के भीतर उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश देना पूरी तरह से बदले की राजनीति है।

उन्होंने कहा कि इसका मकसद उत्तराखंड के हल्द्वानी में आरएसएस-भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए ‘शुद्धिकरण’ के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाना है। यह ‘शुद्धिकरण’ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा वहां एक रैली को संबोधित करने के बाद किया गया था।

इस मामले में NCSC द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने अभी तक आयोग के आदेश नहीं देखे हैं। उन्होंने कहा कि यह करीब दस महीने पुराना मामला है।

राजा वड़िंग ने कहा कि स्वर्गीय बूटा सिंह का परिवार उनके अपने परिवार जैसा है और उन्होंने उसी समय माफी भी मांग ली थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वर्गीय बूटा सिंह के बारे में कोई अपमानजनक बात नहीं कही थी, बल्कि केवल एक विशेष संदर्भ में उनका नाम लिया था।

उन्होंने बताया कि इसके बाद वह अलग-अलग मामलों को लेकर दो बार NCSC के चेयरमैन से भी मिल चुके हैं।

राजा वड़िंग ने कहा कि आज के निर्देश स्पष्ट रूप से उस जन दबाव का परिणाम हैं, जिसे भाजपा हल्द्वानी की घटना के बाद महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा संबोधित रैली स्थल का सिर्फ इसलिए ‘शुद्धिकरण’ किया क्योंकि वह दलित हैं।

राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस ने यह मामला संसद में उठाया था और इसके बाद राहुल गांधी ने दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन ‘शुद्धिकरण’ करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने के बजाय, जिसे उन्होंने छुआछूत का कृत्य और कानून के अनुसार गैरकानूनी बताया, उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने राहुल गांधी के खिलाफ ही FIR दर्ज कर दी।

उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकारियों को उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश देना भी इसी सिलसिले की एक कड़ी है, जिसका मकसद जनता का ध्यान असली मुद्दे से भटकाना है।

राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने भी पहले उनके खिलाफ एक आदेश जारी किया था, जिस पर अदालत ने रोक लगा दी थी।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ऐसी राजनीतिक चालों और दबाव की रणनीतियों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस बात का जवाब देना होगा कि सिर्फ इसलिए किसी जगह का ‘शुद्धिकरण’ क्यों किया गया, क्योंकि वहां एक दलित नेता ने रैली को संबोधित किया था।

उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत कांग्रेस को यह सुनिश्चित करने से नहीं रोक सकती कि ‘शुद्धिकरण’ करने वालों को उनके कृत्य के लिए जवाबदेह ठहराया जाए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।