चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कांग्रेस सांसद धर्मवीर गांधी के हालिया बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद शर्मनाक, घटिया और धार्मिक आस्था पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने मांग की है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा इस मुद्दे पर तुरंत अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा स्कीम के तहत हमारे बुज़ुर्ग और गरीब लोग श्री आनंदपुर साहिब, श्री अमृतसर साहिब, खाटू श्याम, मथुरा और हरिद्वार जैसी पवित्र जगहों पर जा रहे हैं। क्या बुज़ुर्गों और गरीबों को मुफ़्त धार्मिक यात्रा कराना कोई गुनाह है? धर्मवीर गांधी को इस भलाई की पहल में क्या बुराई दिखती है?
उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग और नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से सवाल किया और पूछा कि वे यह स्पष्ट करें कि क्या कांग्रेस पार्टी पंजाब के लोगों की धार्मिक भावनाओं को ‘आडंबर’ मानती है? उन्होंने आगे कहा कि हर आम नागरिक या गरीब परिवार खुद इन तीर्थ जगहों पर जाने का खर्च नहीं उठा सकता। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने उनके रहने, खाने और आने-जाने का सबसे अच्छा इंतज़ाम किया है। गांवों में बसों की लंबी लाइनें हैं और लोग खुशी-खुशी दर्शन के लिए जा रहे हैं। आम लोगों की इस खुशी से कांग्रेस को क्या दिक्कत है?
धालीवाल ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पर्व और दूसरे धार्मिक आयोजनों के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए बड़े इंतज़ाम किए थे। अब गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के मौके पर भी सरकार श्रद्धा और सम्मान के साथ प्रोग्राम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेताओं का श्रद्धालुओं को धार्मिक जगहों पर जाने देना गलत है?
आप नेता ने कहा कि अब राजा वड़िंग, प्रताप बाजवा और कांग्रेस हाईकमान को धर्मवीर गांधी के बयान पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्हें पंजाब के लोगों के सामने यह साफ करना चाहिए कि क्या कांग्रेस इस बयान से सहमत है। अगर वे सहमत नहीं हैं, तो कांग्रेस लीडरशिप को धर्मवीर गांधी के बयान की सबके सामने निंदा करनी चाहिए और अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।
धालीवाल ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन पंजाब के लोगों की धार्मिक आस्था को राजनीतिक निशाना बनाना किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार का मकसद गरीबों, बुजुर्गों और आम लोगों को सुविधाएं देना है, न कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग सब कुछ देख रहे हैं और लोग धार्मिक आस्था का अपमान करने वाली राजनीति का अपने तरीके से जवाब देंगे।
















