- खन्ना हलके के 30 गांवों को मिलेगा नहरी पानी, 37 हजार एकड़ से अधिक रकबा आया नहरी सिंचाई के दायरे में
चंडीगढ़/खन्ना (लुधियाना), 28 जुलाई: पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा कृषि को और मजबूत बनाने, भूमिगत जल का संरक्षण करने तथा किसानों को समय पर नहरी पानी उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी के तहत जल संसाधन विभाग, पंजाब द्वारा विधानसभा हलका खन्ना के अधीन गांव भट्टियां में 70.52 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल तथा कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि खन्ना रजवाहा, बीड़ किशन, ललहेड़ी, बरधल, कोटला तथा नारायणगढ़ माइनर सहित 68.32 किलोमीटर नहरों की कंक्रीट लाइनिंग 50.02 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की गई है। इसके अतिरिक्त 23.40 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन पर 20.50 करोड़ रुपये खर्च करके लगभग 30 गांवों के 37 हजार एकड़ से अधिक रकबे को नहरी सिंचाई के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शेष कृषि रकबे को भी नहरी ढांचे से जोड़ा जाएगा।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में 21,506 एकड़ रकबे को नहरी पानी मिलता था, जो अब बढ़कर 42,079 एकड़ हो गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य भूमिगत जल पर निर्भरता कम करके नहरी सिंचाई को प्रोत्साहित करना है, जिससे पंजाब के भूमिगत जल का संरक्षण हो रहा है और किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है।
गोयल ने कहा कि राज्य सरकार ने 7,572 करोड़ रुपये खर्च करके नहरी प्रणाली को मजबूत बनाया है और अब पंजाब के 86 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग राज्य के खेतों में हो रहा है, जबकि वर्ष 2022 में यह आंकड़ा केवल 26 प्रतिशत था। उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद पंजाब में भूमिगत जल स्तर में सुधार हुआ है, जिसका उल्लेख केंद्रीय जल संसाधन मंत्री द्वारा देश की संसद में भी किया गया है।
उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग ने बिना कोई अतिरिक्त भूमि अधिग्रहित किए तथा बिना अतिरिक्त खर्च के पंजाब की नहरों की क्षमता 12,000 क्यूसेक बढ़ा दी है। वर्तमान में राज्य की 1,511 नहरों में लगभग 39,000 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है, जिससे किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल रही है और पंजाब के जल संसाधनों के संरक्षण को नई दिशा मिली है।
कैबिनेट मंत्री श्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल का हलका खन्ना में नहरी सिंचाई से संबंधित 70.52 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए धन्यवाद करते हुए कहा कि पंजाब में पहली बार नहरी सिंचाई को इतनी बड़ी प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय राज्य के कई क्षेत्र डार्क ज़ोन बन गए थे और भूमिगत जल लगातार घट रहा था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण जल संसाधन विभाग, पंजाब तथा जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा किए गए प्रयासों से कृषि के लिए नहरी पानी के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे भूमिगत जल स्तर में भी सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि नहरी सिंचाई से बिजली की भी बड़ी बचत हुई है।
बिजली मंत्री ने कहा कि किसानों को ट्यूबवेलों के लिए दिन के समय 8 घंटे बिजली मिल रही है, जिसके कारण अब उन्हें रातें खेतों में नहीं बितानी पड़तीं। श्री सौंद ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिसके कारण आज किसान नहरी पानी की सुविधा और बेहतर सिंचाई प्रबंधन से संतुष्ट हैं।



















