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‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक पंजाब पूरी तरह गैंगस्टर मुक्त नहीं हो जाता: डीजीपी गौरव यादव

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ऑपरेशन प्रहार-3.0 ने पूरे पंजाब में संगठित अपराध और ड्रग-गैंगस्टर गठजोड़ को करारा झटका दिया: डीजीपी गौरव यादव

पंजाब पुलिस ने 16 दिनों के खुफिया सूचना आधारित अभियान के दौरान 5,448 छापेमारी कर 3,949 लोगों को गिरफ्तार किया: डीजीपी गौरव यादव

पुलिस ने इस अभियान में 42 गैंगस्टरों एवं उनके सहयोगियों तथा 1,201 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया: विशेष डीजीपी प्रवीण सिन्हा

लोग एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर गोपनीय रूप से गैंगस्टरों और आपराधिक गतिविधियों संबंधी सूचना साझा कर सकते हैं

चंडीगढ़:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के अंतर्गत पंजाब पुलिस ने 16 दिनों तक राज्यव्यापी खुफिया सूचना आधारित प्रवर्तन अभियान ऑपरेशन प्रहार-3.0 चलाया। इस दौरान संगठित अपराध और ड्रग-गैंगस्टर गठजोड़ के विरुद्ध बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने राज्य की सभी पुलिस रेंजों और कमिश्नरेटों में गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों, नशा तस्करों तथा वांछित अपराधियों से जुड़े 5,448 स्थानों पर छापेमारी की।

इस संबंध में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा, “ऑपरेशन प्रहार-3.0 का उद्देश्य जनता का विश्वास मजबूत करना, पुलिस की उपस्थिति बढ़ाना तथा राज्य में सक्रिय संगठित अपराध, नशा तस्करी और अन्य आपराधिक नेटवर्क को करारा झटका देना था।”

उन्होंने बताया कि यह अभियान 16 दिनों तक योजनाबद्ध तरीके से चलाया गया, जिसमें प्रतिदिन किसी एक पुलिस रेंज अथवा कमिश्नरेट में विशेष कार्रवाई की गई। इस रणनीतिक दृष्टिकोण के माध्यम से पंजाब पुलिस ने पूरे राज्य में आपराधिक नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया तथा सभी फील्ड इकाइयों के बेहतर समन्वय से अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

डीजीपी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य गैंगस्टर-ड्रग गठजोड़ को ध्वस्त करना, फरार एवं वांछित अपराधियों को गिरफ्तार करना, सूचीबद्ध एवं गैर-सूचीबद्ध नशा तस्करों की पहचान कर उन्हें पकड़ना, आदतन एवं समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई करना तथा अवैध हथियार, मादक पदार्थ, अवैध शराब, चोरी की संपत्ति और अपराध में प्रयुक्त वाहनों की बरामदगी करना था। इसके अतिरिक्त अंतर-जिला समन्वय को मजबूत करने, क्षेत्रीय स्तर पर पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने तथा पंजाब पुलिस की परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।

उन्होंने बताया कि इस अभियान में 10,401 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। पूरे राज्य में 5,448 छापेमारी, 958 एफआईआर दर्ज, 1,520 व्यक्तियों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई तथा 262 वाहन जब्त किए गए।

संगठित अपराध के विरुद्ध पंजाब पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “‘गैंगस्टरां ते वार’ एक सतत अभियान है, जो तब तक पूरी ताकत से जारी रहेगा, जब तक पंजाब से गैंगस्टरों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता।”

इस अभियान के परिणामों की जानकारी देते हुए विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) प्रवीण सिन्हा ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार-3.0 के दौरान कुल 3,949 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 42 गैंगस्टर एवं उनके सहयोगी, 1,201 नशा तस्कर, 119 भगोड़े अपराधी तथा 2,587 वांछित आरोपी शामिल हैं। इसके अलावा 1,520 व्यक्तियों के विरुद्ध निवारक कार्रवाई भी की गई।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने 12 हथियार, 10.47 किलोग्राम हेरोइन, 1.50 किलोग्राम अफीम, 30 किलोग्राम गांजा, 259 किलोग्राम भुक्की, 21,746 नशीली गोलियां एवं कैप्सूल, 646.25 लीटर लाहन, 1,243.5 लीटर अवैध शराब तथा 4.03 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की। इसके अतिरिक्त अवैध हथियार, गोला-बारूद, चोरी के वाहन, मोबाइल फोन तथा अन्य आपराधिक सामग्री भी जब्त की गई।

विशेष डीजीपी ने कहा कि अभियान के दौरान रंगदारी, वाहन चोरी, अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन, फार्मास्यूटिकल दवाओं की अवैध बिक्री तथा नकली शराब की तस्करी में संलिप्त कई आपराधिक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया, जिससे संगठित अपराध को समर्थन देने वाले व्यापक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा।

उन्होंने बताया कि सभी पुलिस कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों ने स्वयं अभियान की निगरानी की। राज्यव्यापी अभियान में 10,000 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 2,000 से अधिक पुलिस टीमों ने प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया तथा कार्रवाई की निरंतर निगरानी की।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन प्रहार-3.0 ने अपराध और मादक पदार्थों के नेटवर्क को करारा झटका दिया, खुफिया आधारित पुलिसिंग को मजबूत किया, पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई तथा यह स्पष्ट संदेश दिया कि गैंगस्टरवाद, नशा तस्करी और संगठित अपराध के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस अभियान ने पूरे पंजाब में कानून का राज मजबूत करने, जनता का विश्वास बहाल करने और सुरक्षित वातावरण स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस अवसर पर पंजाब पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 पर वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों तथा संगठित आपराधिक गतिविधियों संबंधी जानकारी साझा कर ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान में सहयोग दें। नागरिक गोपनीय रूप से सूचना दे सकते हैं तथा उनकी पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।

डीजीपी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पुलिस इकाइयों की सराहना की, अन्य इकाइयों को और बेहतर लामबंदी एवं प्रवर्तन मजबूत करने का आह्वान किया

डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “मैं ऑपरेशन प्रहार-3.0 को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सभी कमिश्नरेट और जिला पुलिस इकाइयों की सराहना करता हूं। विशेष रूप से जिला खन्ना, जिला बठिंडा, पुलिस कमिश्नरेट जालंधर, जिला होशियारपुर तथा जिला मानसा ने गिरफ्तारी के मामलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसी प्रकार जिला होशियारपुर, जिला अमृतसर, पुलिस कमिश्नरेट जालंधर, जिला तरनतारन तथा जिला मोगा एनडीपीएस एक्ट के तहत उल्लेखनीय बरामदगी के लिए विशेष प्रशंसा के पात्र हैं। उनकी पेशेवर कार्यशैली, प्रतिबद्धता और खुफिया आधारित पुलिसिंग ने पूरे पुलिस बल के लिए एक मानक स्थापित किया है।”

उन्होंने कहा, “ऑपरेशन प्रहार-3.0 की सफलता में प्रत्येक कमिश्नरेट और जिला पुलिस इकाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिन इकाइयों ने इस चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनके साथ-साथ मुझे विश्वास है कि अन्य जिले भी आगामी चरणों में अपने प्रयासों को और मजबूत करेंगे तथा बेहतर परिणाम प्राप्त करेंगे। खुफिया आधारित पुलिसिंग और समन्वित कार्रवाई के माध्यम से प्रत्येक इकाई पंजाब को संगठित अपराध, गैंगस्टरवाद और नशे के खतरे से पूरी तरह मुक्त बनाने के हमारे सामूहिक मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देगी।”