*पुलिस विभाग को उप कप्तान और कप्तान स्तर के अधिकारियों को एस.सी./एस.टी. एक्ट संबंधी प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए कहा*
*विभिन्न जिलों में नए अंबेडकर भवनों के निर्माण और कार्यशील भवनों के रख-रखाव के लिए आवश्यक कदम उठाने पर दिया जोर*
चंडीगढ़:पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग के चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी ने सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को पंजाब के सरकारी कर्मचारियों/ अधिकारियों के पदोन्नति मामलों में हकदारों को न्याय दिलाने के लिए रोस्टर रजिस्टर चेकिंग कमेटीयों का प्रशिक्षण तुरंत सुनिश्चित करने के लिए कहा है ताकि रोस्टर रजिस्टर को निर्धारित कानून के अनुसार सही ढंग से लागू करने में और अधिक स्पष्टता आ सके।
आज यहां पंजाब भवन में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए स गढ़ी ने कहा कि पुलिस विभाग को उप कप्तान और कप्तान स्तर के अधिकारियों को एस.सी./एस.टी. एक्ट संबंधी प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है ताकि विभिन्न जिलों में शिकायतें प्राप्त होने के बाद की जाने वाली पुलिस कार्रवाई और जांच के दौरान अधिक स्पष्टता आए और संबंधित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जा सके।
विभिन्न जिलों में नए अंबेडकर भवनों के निर्माण और कार्यशील भवनों के रख-रखाव के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर देते हुए स गढ़ी ने कहा कि जिन जिलों में अभी तक अंबेडकर भवनों का निर्माण संभव नहीं हो सका है, वहां भूमि की उपलब्धता और भवन निर्माण के लिए बजट की व्यवस्था करने हेतु वित्त और सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में अंबेडकर भवनों का उपयोग अन्य विभागों द्वारा किया जा रहा है, संबंधित विभागों के लिए भवन के वैकल्पिक प्रबंध किए जाएं।
इससे पहले पंजाब भवन में आयोजित पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग की 29वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री गढ़ी ने राज्य सरकार के अधिकारियों को अनुसूचित जाति से संबंधित लोगों की शिकायतों और कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग राज्य की अनुसूचित जातियों के अधिकारों और संरक्षण के लिए वचनबद्ध है।
स गढ़ी ने पुलिस, स्थानीय सरकारों, सामाजिक न्याय तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से एस.सी./एस.टी. अत्याचार रोकथाम एक्ट 1989 के तहत दर्ज मामलों की स्थिति संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों को कहा कि इन मामलों का जल्द निपटारा किया जाए ताकि शिकायतकर्ताओं को समय पर न्याय मिल सके।
इस अवसर पर भूरीवाले गुरगद्दी (गरीब दास) संप्रदाय के प्रमुख धाम श्री रकबा साहिब (लुधियाना) और श्री झांडियां धाम (रूपनगर) में श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा श्री गुरु रविदास महाराज जी की चरणछोह प्राप्त धरती श्री खुरालगढ़ साहिब में तप-स्थान और चरण छोह गंगा में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की गई, जहां बड़ी संख्या में संगत अनुसूचित जाति वर्गों/ पिछड़ी श्रेणियों से जुड़ी हुई है।
इसी प्रकार राम मोक्ष धाम टप्परियां खुर्द (बलाचौर) में सुरक्षा देने का मुद्दा उठाया गया, जोकि कबीरपंथी भूरीवाले संप्रदाय डेरे के वर्तमान गद्दीनशीन आचार्य चेतना नंद जी महाराज जी की निवास कुटिया भी है।
बैठक में राज्य अनुसूचित जातियां आयोग के गैर-सरकारी सदस्य श्री रुपिंदर सिंह, श्री गुरप्रीत सिंह, श्री गुलजार सिंह, सदस्य सचिव श्रीमती नयन जस्सल के अलावा ए.डी.जी.पी. सुरक्षा डॉ. कौस्तुभ शर्मा, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त सचिव श्री रविंदर सिंह, स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक श्री एच. एस. बराड़, गमाडा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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