नेशनल डेस्क: विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों की बैठक सोमवार को शुरू हो गई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबला करने और एकजुट होकर आगे बढ़ने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। राष्ट्रीय राजधानी के ‘कॉन्स्टीट्यूशन क्लब’ में हो रही इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) समेत 20 से अधिक दलों के प्रमुख नेता भाग ले रहे हैं।
आम आदमी पार्टी बैठक में नहीं होगी शामिल
शिवसेना (उबाठा) के उद्धव ठाकरे इस बैठक में डिजिटल माध्यम से जुड़े हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा था कि 23 राजनीतिक दलों ने ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की बैठक में भागीदारी की पुष्टि की है । रमेश ने कहा था कि कुछ राजनीतिक दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और आम आदमी पार्टी (आप) बैठक में शामिल नहीं हैं।
राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर हो सकती है चर्चा
आप’ पहले ही सार्वजनिक रूप से इस गठबंधन से दूरी बना चुकी है जबकि द्रमुक ने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा उससे संबंध तोड़कर टीवीके-नीत सरकार में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की है। गठबंधन भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करेगा और राज्यों के आगामी चुनावों तथा 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार का मुकाबला करने के लिए एकजुट मोर्चा के रूप में खुद को पेश करने का प्रयास करेगा।
भाजपा के बढ़ते प्रभाव से टेंशन में विपक्ष
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार ने भी विपक्षी गठबंधन को देश में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने को मजबूर किया है। इससे पहले, इंडिया गठबंधन की आधिकारिक बैठक जून, 2024 में हुई थी।
















