चंडीगढ़:पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक प्राइवेट व्यक्ति सरबजीत सिंह उर्फ बिट्टू निवासी हैबोवाल कलां, लुधियाना को 5000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को न्यू बाबा दीप सिंह नगर, लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता के पिता ने साहनेवाल निवासी कुलदीप कुमार से साइकिल मार्केट में 60 वर्ग गज का प्लॉट खरीदने के लिए एक समझौता किया था और उन्होंने उस जगह का कब्जा भी ले लिया था। वर्ष 2020 में उसे पता चला कि शिकायतकर्ता के मामा के पुत्र गुरजीत सिंह उर्फ रिंपी ने कुलवंत सिंह नामक व्यक्ति से उक्त जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवा ली थी। इस रजिस्ट्री में दर्ज खसरा नंबर साइकिल मार्केट, लुधियाना का नहीं बल्कि चंदन नगर, लुधियाना का था। कुलवंत सिंह की तलाश करने पर उसने शिकायतकर्ता को बताया कि उसने साइकिल मार्केट में कोई दुकान गुरजीत सिंह उर्फ रिंपी को नहीं बेची है। कुलवंत सिंह ने यह भी बताया कि उसका एक परिचित व्यक्ति सरबजीत सिंह उर्फ बिट्टू है, जो रायकोट तहसील कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता उक्त जमीन अपने नाम पर रजिस्टर्ड करवाना चाहता था। इस संबंध में उसने बिट्टू से संपर्क किया, जिस पर बिट्टू ने कहा कि उसकी अधिकारियों के साथ अच्छी जान-पहचान है और वह उनसे बात करके पीरूबंदा साइकिल मार्ट, मुरादपुरा में रजिस्ट्री करवा देगा। इसके लिए उसने 3,50,000 रुपये की मांग की, जिसमें से 25,000 रुपये अग्रिम और पहली किस्त के रूप में 5000 रुपये रिश्वत की मांग की गई।
रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज, लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी सरबजीत सिंह को शिकायतकर्ता से 5000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना, लुधियाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।











