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होने वाला कुछ बड़ाः ट्रंप ने बुलाई व्हाइट हाउस की आपात बैठक, ईरान पर अंतिम निर्णायक फैसला आज

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Washington: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने घोषणा की है कि वह व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा सलाहकारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में ईरान के साथ संभावित समझौते और युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ चल रही बातचीत और प्रस्तावित समझौते पर “अंतिम निर्धारण” (Final Determination) करना चाहते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी और ईरानी वार्ताकारों के बीच एक प्रारंभिक सहमति बनने की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के तहत लगभग तीन महीने से चल रहे संघर्ष में लागू युद्धविराम को 60 दिनों के लिए और बढ़ाया जा सकता है।

 

इस अवधि के दौरान दोनों पक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई और विस्तृत वार्ता शुरू करेंगे। माना जा रहा है कि यह बातचीत भविष्य में व्यापक समझौते का आधार बन सकती है। इस घटनाक्रम के बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने अमेरिका और इज़राइल (Israel) पर ईरान को अस्थिर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सैन्य और आर्थिक दबाव में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद अब विरोधी ताकतें ईरान के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने जनता से एकजुट रहने की अपील भी की। युद्धविराम के बावजूद हाल के दिनों में तनाव कम नहीं हुआ है। अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर से दागे गए कई ड्रोन मार गिराने का दावा किया है और दक्षिणी ईरान में कुछ सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई भी की है।

 

 

अमेरिका का कहना है कि ये कदम अंतरराष्ट्रीय नौवहन, विशेष रूप से होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा के लिए आवश्यक थे। वहीं ईरान ने इन्हें उकसावे वाली कार्रवाई बताया है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि दोनों पक्ष समझौते के करीब हैं, लेकिन अभी कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नवंबर के मध्यावधि चुनावों के दबाव में कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि कूटनीतिक समाधान अभी भी संभव है, लेकिन यदि वार्ता विफल होती है तो अन्य विकल्प भी खुले रहेंगे। अब पूरी दुनिया की निगाहें व्हाइट हाउस की इस उच्चस्तरीय बैठक पर टिकी हैं। यदि ट्रंप प्रस्तावित समझौते को मंजूरी देते हैं, तो न केवल युद्धविराम लंबा हो सकता है, बल्कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नई वार्ता शुरू होने से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद भी बढ़ जाएगी।