हरियाणा डेस्क : हरियाणा के हिसार जिले के चानौत गांव में मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी और लंबे समय से गहराए जल व बिजली संकट से परेशान होकर गांव चानौत के ग्रामीणों के सब्र का बांध आज आखिरकार टूट गया। चानौत गांव में ग्रामीणों का धरना पांचवें दिन बहुत बड़ा हो गया है। धरने के पांचवें दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और युवा मौके पर मौजूद रहे।
धरने को समर्थन देने के लिए रोघी खाप प्रधान सुमेर सिंह जागलान, भारतीय किसान मजदूर युनियन के प्रतिनिधि, भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि दशरथ मलिक, कांग्रेस नेता तेलूराम जांगड़ा, और बीजेपी के नेता नरेश यादव भी धरना स्थल पर पहुंचे। सभी ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गांव के पास से पाइपलाइन गुजरने के बावजूद चानौत गांव को पानी नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे हैं और अब गांववासी अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष कर रहे हैं।
ग्लोबल ह्यूमन राइट्स की एशिया अध्यक्षा विशाखा चौधरी, गांव के भूतपूर्व सरपंच सत्यवान दूहन व मौजूदा सरपंच हिमांशु दूहन ने साफ कहा कि जब तक गांव को पाइपलाइन से कनेक्शन नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा और पाइपलाइन का कार्य नहीं होने दिया जाएगा। महिलाओं की लगातार भागीदारी आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आ रही है।
धरने के दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई और सरकार से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की मांग उठाई गई। सामाजिक कार्यकर्ता अनूप चानौत ने कहा कि जनहित के लिए सरकार को चानौत गांववासियों के राजली से चानौत गांव होकर हांसी शहर जाने वाली पाइपलाइन में कनेक्शन देना चाहिए।
ग्रामीणों के लिए गए ये फैसले
प्रशासन को जल्द अल्टीमेटम देकर 22 तारीख को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक एक घंटे का सांकेतिक रोड़ जाम किया जाएगा। 24 तारीख तक अगर सरकार सुनवाई नहीं करेगी तो 25 तारीख को राजली से हांसी शहर पाइपलाइन में खुद ग्रामीण टी प्वाइंट लगाकर कनेक्शन करेंगे। इस दिन तमाम किसान संगठन, खाप पंचायत, टोल कमेटी व गैर सरकारी संगठन एक साथ इकट्ठा होकर इस धरने का समर्थन करेंगे।










