नेशनल डेस्क। त्योहारी सीज़न के बाद भी सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेज़ी बनी हुई है। आज शुक्रवार को धातुओं के भावों में फिर से उछाल देखने को मिला है। यह उछाल निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Assets) की मांग बढ़ने का सीधा संकेत है जिसका मुख्य कारण अमेरिकी बाज़ार से जुड़ी खबरें हैं।
आज के सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)
देश में आज सोने की कीमतों में कल के मुकाबले ₹500 से ₹700 तक का इजाफा हुआ है।
कैरेट आज का भाव (प्रति 10 ग्राम) कल का भाव (प्रति 10 ग्राम) कीमत में उछाल
24 कैरेट (शुद्ध सोना) ₹1,28,460 ₹1,27,750 ₹710
22 कैरेट (आभूषण के लिए) ₹1,17,750 ₹1,17,100 ₹650
18 कैरेट ₹96,340 ₹95,810 ₹530
आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹12,846 प्रति ग्राम और 18 कैरेट (999 गोल्ड) का भाव ₹9,634 प्रति ग्राम रहा।
प्रमुख शहरों में आज की कीमतें (प्रति ग्राम)
भारत के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिला है:
1. मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, मैसूर
कैरेट कीमत (प्रति ग्राम)
24 कैरेट ₹12,846
22 कैरेट ₹11,775
18 कैरेट ₹9,634
2. दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़, गुड़गांव
कैरेट कीमत (प्रति ग्राम)
24 कैरेट ₹12,861
22 कैरेट ₹11,790
18 कैरेट ₹9,649
3. चेन्नई, मदुरै, सेलम, त्रिची
कैरेट कीमत (प्रति ग्राम)
24 कैरेट ₹12,916
22 कैरेट ₹11,840
18 कैरेट ₹9,875
चांदी की कीमतों में भी तेज़ी
सोने की तरह ही चांदी की कीमतों में भी आज उछाल दर्ज किया गया।
आज चांदी की कीमत है: ₹176 प्रति ग्राम।
इस हिसाब से 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹1,76,000 रहा।
कीमतों में उछाल का मुख्य कारण क्या है?
सोने-चांदी की कीमतों में यह तेज़ी नवंबर के महीने में लगातार बनी हुई है। इस महीने में अब तक 24 कैरेट सोने की कीमत में प्रति 100 ग्राम लगभग ₹44,700 का बड़ा उछाल आ चुका है। इस तेज़ी के पीछे अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार के प्रमुख कारण हैं:
अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed): बाज़ार में इस बात की संभावना बढ़ गई है कि दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों (Interest Rates) में कटौती कर सकता है।
सेफ-हेवन डिमांड: जब ब्याज दरें कम होती हैं तो निवेशक अन्य जोखिम भरी संपत्तियों (जैसे स्टॉक या बॉन्ड) से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Assets) माने जाने वाले सोने में लगाते हैं जिससे इसकी मांग बढ़ जाती है और कीमतें ऊपर जाती हैं।
महंगाई से बचाव: सोना महंगाई (Inflation) के खिलाफ बचाव का एक पारंपरिक उपकरण माना जाता है। कम ब्याज दरें आमतौर पर महंगाई की आशंका को बढ़ाती हैं, इसलिए निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं।

















