Islamabad: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या की अफवाह ने देश की सियासत को हिला कर रख दिया है। अफगान मीडिया के दावे के बाद पूरे पाकिस्तान में दहशत और गुस्सा फैल गया है। इमरान 2023 से रावलपिंडी की आदियाला जेल में बंद हैं, लेकिन उनसे मुलाकात पर लगातार पाबंदी ने शक और गहरा दिया है। मंगलवार देर रात इमरान खान की बहनें अलीमा खान, नोरीन नियाज़ी और डॉ. उजमा खान जेल में मिलने पहुँचीं, लेकिन पंजाब पुलिस ने उन्हें गेट से घसीटकर बाहर फेंक दिया।
आखिरी मुलाकात एक साल पहले हुई
नोरीन ने आरोप लगाया कि“मेरी उम्र 71 साल है लेकिन पुलिस ने मेरे बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा। स्ट्रीटलाइटें बंद कर दी गईं ताकि अंधेरे में हिंसा की जा सके।”एक साल से अधिक समय से बहनों को इमरान से मिलने नहीं दिया गया है। आखिरी मुलाकात 30 अक्टूबर 2024 को हुई थी। उन्होंने कहा कि “इमरान जिंदा हैं तो दिखाओ!”
नोरीन ने आरोप लगाया कि“मेरी उम्र 71 साल है लेकिन पुलिस ने मेरे बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा। स्ट्रीटलाइटें बंद कर दी गईं ताकि अंधेरे में हिंसा की जा सके।”एक साल से अधिक समय से बहनों को इमरान से मिलने नहीं दिया गया है। आखिरी मुलाकात 30 अक्टूबर 2024 को हुई थी। उन्होंने कहा कि “इमरान जिंदा हैं तो दिखाओ!”
हजारों PTI वर्कर आदियाला जेल के बाहर
इमरान की हत्या की अफवाह फैलते ही PTI के हजारों वर्कर आदियाaला जेल के बाहर जमा हो गए और मांग की कि “इमरान खान सुरक्षित और ज़िंदा हैं तो मुलाकात की अनुमति क्यों नहीं?”स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए जेल के बाहर भारी सुरक्षा तैनात है। PTI नेताओं और इमरान की बहनों ने जेल के पास फैक्ट्री नाका पर धरना दिया, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया।
इमरान की हत्या की अफवाह फैलते ही PTI के हजारों वर्कर आदियाaला जेल के बाहर जमा हो गए और मांग की कि “इमरान खान सुरक्षित और ज़िंदा हैं तो मुलाकात की अनुमति क्यों नहीं?”स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए जेल के बाहर भारी सुरक्षा तैनात है। PTI नेताओं और इमरान की बहनों ने जेल के पास फैक्ट्री नाका पर धरना दिया, लेकिन पुलिस ने आगे बढ़ने नहीं दिया।
सरकार बोली अफवाह; जनता बोली सबूत दिखाओ!
शहबाज शरीफ सरकार ने हत्या की खबर को “झूठ” बताया, लेकिन मुलाकात न मिलने की बात ने जनता का भरोसा तोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ ज़बरदस्त गुस्सा है। 2024 से किसी भी पार्टी सदस्य या समर्थक को इमरान से मिलने नहीं दिया गया है। इसी वजह से देश में सबसे बड़ा सवाल गूंज रहा है। “क्या इमरान खान को जेल में टॉर्चर किया गया? क्या वे सच में सुरक्षित हैं?”
शहबाज शरीफ सरकार ने हत्या की खबर को “झूठ” बताया, लेकिन मुलाकात न मिलने की बात ने जनता का भरोसा तोड़ दिया है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ ज़बरदस्त गुस्सा है। 2024 से किसी भी पार्टी सदस्य या समर्थक को इमरान से मिलने नहीं दिया गया है। इसी वजह से देश में सबसे बड़ा सवाल गूंज रहा है। “क्या इमरान खान को जेल में टॉर्चर किया गया? क्या वे सच में सुरक्षित हैं?”

















