नेशनल डेस्क: COVID-19 महामारी ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। संक्रमण से बचने के लिए लोग घरों में बंद रहे, काम करने का तरीका बदला, सामाजिक दूरी बनी और तनाव बढ़ा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिन लोगों को COVID नहीं भी हुआ, उनके दिमाग की उम्र भी तेजी से बढ़ गई? एक हालिया शोध में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महामारी के दौरान संक्रमण से बचने वाले लोगों का मस्तिष्क भी प्रभावित हुआ है।
महामारी में दिमाग की उम्र बढ़ने का नया सच
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिकों ने एक बड़े अध्ययन के जरिए पाया है कि COVID-19 महामारी के दौरान जिन लोगों को संक्रमण नहीं हुआ, उनके दिमाग की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया भी तेज हुई है। यह शोध नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में यह बात सामने आई है कि सामाजिक अलगाव, तनाव, और जीवनशैली में बदलाव जैसे कारणों से मस्तिष्क की उम्र बढ़ने का प्रभाव महसूस किया गया।
शोध में यह भी पाया गया है कि महामारी के दौरान मस्तिष्क की तेजी से बढ़ती उम्र का प्रभाव पुरुषों में ज्यादा देखने को मिला है। साथ ही बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी इससे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यह बताता है कि मानसिक और तंत्रिका स्वास्थ्य पर बीमारी से ज्यादा जीवन के अनुभवों और तनाव का असर होता है।
क्या दिमाग की बढ़ती उम्र का मतलब है याददाश्त का कम होना?
शोध के मुताबिक मस्तिष्क की उम्र बढ़ने का मतलब जरूरी नहीं कि सोचने-समझने की क्षमता या याददाश्त में कमी हो जाए। जिन लोगों को COVID हुआ था, उनमें मानसिक चपलता में कमी आई है, लेकिन जिनको COVID नहीं हुआ, उनमें भी दिमाग की उम्र तेजी से बढ़ी है। इसका मतलब यह है कि मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर महामारी का वातावरण भी गहरा असर डालता है।
AI तकनीक से हुआ मस्तिष्क का अध्ययन
यह शोध यूके बायोबैंक के विशाल डेटाबेस पर आधारित है। इसमें 40 से 69 वर्ष के 5 लाख से अधिक लोगों के गुमनाम स्वास्थ्य डेटा का इस्तेमाल किया गया। शोधकर्ताओं ने 996 लोगों के मस्तिष्क के दो स्कैन का विश्लेषण किया, जिनमें से कुछ का दूसरा स्कैन महामारी शुरू होने के बाद किया गया था। इस डेटा की मदद से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मॉडल ने मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को मापा।
मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की दर में 5.5 महीने की तेजी
शोधकर्ताओं ने पाया कि महामारी के दौरान मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की दर में औसतन 5.5 महीने की तेजी आई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी इस तेजी का पूरा कारण नहीं समझा जा सका है, लेकिन यह तनाव और जीवनशैली में बदलाव से जुड़ा हो सकता है। पुरुषों में यह प्रभाव ज्यादा क्यों होता है, इस पर भी और अध्ययन चल रहे हैं।
मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए क्या करें?
तनाव को कम करने की कोशिश करें क्योंकि यह आपके मस्तिष्क और पूरे शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है। नियमित व्यायाम और योग अपनाएं ताकि आपका शरीर और दिमाग दोनों तंदुरुस्त रहें। साथ ही संतुलित आहार लें, जिसमें पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा हो ताकि आपके दिमाग को सही ऊर्जा मिलती रहे। पर्याप्त नींद लेना भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि नींद पूरी न होने से मानसिक क्षमता कमजोर हो सकती है। इसके अलावा सामाजिक संपर्क बनाए रखना भी ज़रूरी है, इससे मानसिक तनाव कम होता है और आप खुश महसूस करते हैं। अगर जरूरत महसूस हो तो मानसिक स्वास्थ्य के लिए समय-समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेना न भूलें, ताकि किसी भी समस्या को जल्दी पहचानकर उसका समाधान किया जा सके।











