चंडीगढ़: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान राजस्व हलका चाऊके, तहसील मौड़, जिला बठिंडा के पटवारी मनिंदर सिंह के निजी सहायक प्रितपाल सिंह को 30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को जिला बरनाला के गांव ठीकरीवाला के एक निवासी द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसने अपने भाई और बहन के साथ मिलकर वर्ष 2002 में गांव चाऊके में जमीन खरीदी थी। हाल ही में शिकायतकर्ता ने पाया कि राजस्व रिकॉर्ड में अभी भी उनके नाम के बजाय जमीन के पिछले विक्रेता का नाम दर्ज है।
इस त्रुटि को ठीक करवाने के लिए शिकायतकर्ता ने संबंधित पटवारी मनिंदर सिंह, राजस्व हलका चाऊके से संपर्क किया। पटवारी ने उसे अपने निजी सहायक प्रितपाल सिंह से संपर्क करने के लिए कहा। इसके बाद प्रितपाल ने राजस्व रिकॉर्ड में उक्त संशोधन करवाने के बदले 1,50,000 रुपये रिश्वत की मांग की।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि जब शिकायतकर्ता दोबारा पटवारी के कार्यालय गया, तो आरोपी प्रितपाल सिंह उसे कार्यालय की इमारत के पीछे ले गया और पटवारी मनिंदर सिंह से फोन पर उसकी बात करवाई। इस बातचीत के दौरान पटवारी 1,40,000 रुपये रिश्वत लेने के लिए सहमत हो गया। इसके बाद आरोपी प्रितपाल सिंह ने मौके पर शिकायतकर्ता से 2,000 रुपये रिश्वत के रूप में ले लिए और उसे अगली किस्त 22 अक्टूबर, 2026 को देने के लिए कहा।
अवैध रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज बठिंडा से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में पटवारी के निजी सहायक आरोपी प्रितपाल सिंह को शिकायतकर्ता से 30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विजिलेंस ब्यूरो के थाना बठिंडा में मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।



















