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पंजाब के लोग कांग्रेस, भाजपा और अकालियों द्वारा किए गए विश्वासघात के कारण 2027 में इनका पूरी तरह सफाया कर देंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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  • – लूट, झूठ और विश्वासघात के आधार पर बनी इन पारंपरिक पार्टियों का पंजाब में कोई भविष्य नहीं है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – पंजाब की पीठ में बार-बार छुरा घोंपने वालों को 2027 में फिर सज़ा दी जाएगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – आप सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और नौकरियां दे रही है, जबकि बाकी पार्टियां सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए खोखली बयानबाजी कर रही हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – राज्य का एक-एक पैसा पहले की तरह नेताओं के परिवारों पर नहीं, बल्कि लोगों की भलाई पर खर्च किया जाता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फाजिल्का में 283.99 करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, सिंचाई और बेहतर संपर्क को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

फाजिल्का:पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि राज्य के लोगों ने 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल का पूरी तरह सफाया करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों द्वारा दशकों से चली आ रही “लूट, झूठ और विश्वासघात” की राजनीति को अब निर्णायक रूप से नकार दिया जाएगा क्योंकि राज्य अब आम आदमी पार्टी (आप) के ईमानदार शासन और जन-कल्याणकारी विकास की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।

यहां 283.99 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन पारंपरिक पार्टियों का पंजाब में कोई भविष्य नहीं है, जिन्होंने बार-बार “पंजाब के साथ विश्वासघात” किया है। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं और यह राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित किया गया है कि जनता का एक-एक पैसा राजनीतिक परिवारों के निजी हितों के बजाय लोगों की भलाई पर ही खर्च हो।

जन सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक पार्टियां खोखले वादों से लोगों को गुमराह करती रही हैं, लेकिन अब पंजाब के लोग उनके “संदिग्ध चरित्र” से पूरी तरह परिचित हैं और एक बार फिर उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएंगे। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग 2027 में कांग्रेस, भाजपा और अकालियों को राजनीति से पूरी तरह बाहर कर देंगे। ये पार्टियां लोगों को गुमराह करने के लिए हवा में किले बना रही हैं, लेकिन अब लोग इनके झांसे में नहीं आएंगे क्योंकि वे इनकी चालों से पूरी तरह परिचित हैं।”

उन्होंने कहा, “लोग इन पार्टियों को उनके पापों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें दोबारा उचित सबक सिखाएंगे। लोगों ने उन्हें बार-बार चुना, लेकिन वे हर बार गद्दार साबित हुए और उन्होंने हमेशा पंजाब और उसके लोगों के साथ विश्वासघात किया।”

उन्होंने कहा, “इन पारंपरिक पार्टियों को यह बात हजम नहीं हो रही कि एक आम आदमी का बेटा राज्य की सत्ता को प्रभावी ढंग से चला रहा है। इन पार्टियों के जन-विरोधी और पंजाब-विरोधी रवैये के कारण लोगों का इन पर से विश्वास उठ चुका है। पहले के शासक पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने परिवारों की चिंता करते थे, इसलिए लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पार्टियां सिर्फ राज्य की संपत्ति लूटने के लिए सत्ता चाहती हैं। उन्होंने कहा, “ये सिर्फ पंजाब को लूटने के लिए सत्ता में अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। इन्हें कभी राज्य या लोगों की चिंता नहीं रही। इनका एकमात्र उद्देश्य सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर अपनी सत्ता की लालसा को पूरा करना है। हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि की बात करते हैं, जबकि ये सिर्फ सत्ता हासिल करने की बात करते हैं।”

जनता के दरमियान विपक्षी नेताओं का विश्वास खत्म होने की बात करते हुए उन्होंने कहा, “ये अवसरवादी नेता हैरान हैं क्योंकि इन्हें जनता से कोई उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा। इनका एजेंडा सिर्फ इनके परिवारों तक सीमित रहा है। इन्होंने सालों तक शासन किया, लेकिन अपनी अक्षमता और कुप्रबंधन के कारण लोगों ने ‘आप’ को चुना, जो उनके लिए लगातार काम कर रही है।” यह पार्टियाँ कभी भी पंजाब प्रति वफ़ादार नहीं रही। वह ईर्ष्या करते हैं क्योंकि ‘आप’ ने आम लोगों की भलाई का एजेंडा अपनाया है।’

अकाली लीडरशिप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘ये पार्टियां सूबे को लूटने के लिए अपनी बारी की उड़ान का इंतजार कर रही थीं। सुखबीर बादल जनता में अपना आधार गंवा चुका है और भाड़े के वर्करों के साथ रैलियों में भीड़ दिखा रहे हैं। हर रैली में वही लोग दिखाई दे रहे हैं। वे सरकार के बेमिसाल कामों के कारण अपना मानसिक संतुलन गंवा चुके हैं, जिस कारण वे डायनासोरों की वापसी जैसे तर्कहीन बयान दे रहे हैं।’

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे बयान निराशा को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ऐसे बयानों के आधार पर वे सत्ता में वापस आने के दिन-रात सपने देख रहे हैं, लेकिन यह कभी संभव नहीं हो सकता। ये नेता सुबह से ही मेरे विरुद्ध बोलना शुरू कर देते हैं क्योंकि मैंने लोगों के सामने उनकी असलियत को उजागर किया है। कांग्रेस और अकालीयों का नाम इतना बदनाम हो गया है कि अगर उनका नाम पेड़ पर भी लिख दिया जाए तो वह सूख जाएगा। इसलिए लोगों को उनसे सावधान रहना चाहिए।

‘आप’ सरकार की वचनबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने लोगों की खून-पसीने की कमाई को बहुत बेरहमी से लूटा है और इसलिए उन्हें कभी भी माफ नहीं किया जाएगा। इसके उलट पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है और एक-एक पैसे का समझदारी से उपयोग कर रही है। नौजवानों की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए 3100 खेल मैदान तैयार करने के लिए 190 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सुविधाओं की पहलों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत, 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। हर परिवार 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 31 लाख से अधिक लाभार्थियों को कार्ड मिले हैं और 1.65 लाख लोगों ने मुफ्त इलाज का लाभ उठाया है। लोगों को इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए।”

कृषि और बिजली के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहली बार, किसानों को धान के सीजन के दौरान ट्यूबवेलों के लिए आठ घंटे से ज्यादा निर्विघ्न बिजली मिली है। अब दिन में भी बिजली सप्लाई की जा रही है, जिससे किसानों के जीवन में प्रभावी बदलाव देखने को मिला है। राज्य वासियों का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए खर्च किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार सभी क्षेत्रों में ढांचागत बदलाव लायी है। “लोगों के टैक्स का पैसा उनका अपना है और इसे स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और विकास पर खर्च किया जा रहा है। 90 फीसदी घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, 65,000 से ज्यादा नौजवानों को भ्रष्टाचार से बिना नौकरियां मिली हैं, सड़कों में सुधार हुआ है, टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे रोजाना 70 लाख रुपये की बचत हुई है और बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा रहा है।”

सिंचाई सुधारों के बारे में उन्होंने कहा, “जब हमने सत्ता संभाली थी तो केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा था। आज यह 68 प्रतिशत हो गया है और अगले धान के सीजन तक यह 85 प्रतिशत तक पहुँच जाएगा। नहरों को सुधारने के लिए 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और पहली बार 1444 गाँव नहरी पानी प्राप्त कर रहे हैं।”

समाज कल्याण के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, “18 वर्ष और इससे अधिक उम्र की महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये और अनुसूचित जातियों की महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये नकद लाभ देने के लिए योजना शुरू की गई है। टैक्सदाताओं का पैसा कल्याण और विकास योजनाओं के द्वारा लोगों को वापस किया जा रहा है। सारी गारंटियाँ पूरी हो गई हैं और आगे प्रगति के लिए प्रयास जारी रहेंगे।”

शिक्षा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में केरल को पीछे छोड़कर पहला स्थान प्राप्त किया है। 740 छात्रों ने जेईई और 1284 छात्रों ने नीट की परीक्षा पास की है। 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि 60 पहले से ही कार्यशील हैं। पहली बार 24 लाख माता-पिता ने मेगा पीटीएम में हिस्सा लिया।

उन्होंने आगे कहा कि सरकारी स्कूलों में मेडिकल और नॉन-मेडिकल समेत सभी विषय उपलब्ध हैं। सशस्त्र सेनाओं, नीट, जेईई और सीएलएटी के लिए भी कोचिंग प्रदान की जा रही है। शिक्षा समाज की समस्याओं का समाधान है और हम इस क्षेत्र के सुधार के लिए लगातार प्रयासशील हैं।

उन्होंने कहा, “शिक्षा विकास की कुंजी है। भविष्य में व्यक्ति को धन से नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा से अमीर माना जाएगा। हमारे बच्चे प्रतिभाशाली हैं, उनके पास सिर्फ अवसरों की कमी थी, जो हम अब प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने एक निजी उदाहरण देते हुए कहा कि “साल 2008-09 में, मैं दोनाणा गाँव में एक लड़की से मिला, जिसने पाँचवीं कक्षा में पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया था, लेकिन वह आगे की शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकी। मैंने उसके लिए स्पॉन्सरशिप का प्रबंध किया। आज वह एक वेटरनरी डॉक्टर है। यह दर्शाता है कि हमारे बच्चों को सिर्फ अवसरों की जरूरत है।”

रोजगार के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “65,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ बिना किसी भ्रष्टाचार के योग्यता के आधार पर दी गई हैं। युवा सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बन रहे हैं। यह काम दशकों पहले किए जाने चाहिए थे, लेकिन अब पंजाब सुधार के साथ आगे बढ़ रहा है।

विकास कार्यों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा, “फाजिल्का में बुनियादी ढाँचे, सिंचाई, संपर्क और जनसेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 283.99 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इनमें ग्रामीण लिंक सड़कें, सड़कों को चौड़ा और अपग्रेड करना, पुलों का नवीनीकरण और अनाज मंडियों का विकास शामिल है। इस सीमावर्ती जिले के विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और जल्द ही एक नया मेडिकल कॉलेज भी खोला जा रहा है।”