- -हम युवाओं के साथ, युवाओं के मुद्दे देश के मुद्दे- केजरीवाल
- – छात्रों के हाथों में न बंदूक थी, न डंडा, न पत्थर, फिर भी उन पर लाठियां बरसाई गईं, आंसू गैस के गोले दागे गए- केजरीवाल’
- – कितने मंत्री बदले गए, कितनों ने खुद इस्तीफा दिया, ऐसा क्या है जो धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे सकते हैं?- केजरीवाल
- – 2024 में नीट पेपर लीक के मास्टर माइंड की मोदी सरकार ने समय पर चार्जशीट फाइल नहीं की और उसे जमानत मिल गई- केजरीवाल
- – “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर पेपर लीक, युवाओं के गुस्से और देश के हालत पर की चर्चा
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने बार-बार लीक हो रहे नीट के पेपर, छात्रों के गुस्से और देश के मौजूदा हालात पर लंबी चर्चा की। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हम सभी युवाओं के साथ हैं। युवाओं के मुद्दे देश के मुद्दे हैं। मोदी सरकार जितनी ताकत से छात्रों की आवाज़ दबाने की कोशिश करेगी, देश के बच्चे उतनी ही बुलंद आवाज़ में जवाब मांगेंगे। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर न्याय की मांग कर रहे छात्रों के हाथों में न बंदूक थी, न डंडा, न पत्थर थे। फिर भी उन पर लाठियां बरसाई गईं और आंसू गैस के गोले दागे गए। अब तक कितने मंत्री बदले गए, कितनों ने खुद इस्तीफा दिया, ऐसा क्या है जो धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे सकते?
“आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में इस वक्त जो माहौल चल रहा है, अलग-अलग जो मुद्दे चल रहे हैं, उन सब पर बातचीत हुई। खासकर देश भर में युवाओं का आंदोलन चल रहा है, दिल्ली में जंतर-मंतर पर आंदोलन चल रहा है, उस पर बात हुई। पूरे देश के युवा इस समय बहुत व्यथित हैं, बहुत गुस्से में हैं और बहुत रोष में हैं। उसको लेकर काफी विस्तार में चर्चा हुई।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि मंगलवार को दिन में मैं जंतर-मंतर गया था। रात को उद्धव ठाकरे गए थे और वहां पर लोगों से मिलकर आए, उनके नेतृत्व से मिलकर आए। हम सब लोगों की सरकार से यही मांग है कि यह हमारे देश के बच्चे हैं, हमारे देश का भविष्य हैं। यह सब लोग 18 से 30 साल की उम्र के बच्चे हैं जो अपना-अपना घर छोड़कर यहां पर आंदोलन करने के लिए आए हुए हैं। मैंने सोशल मीडिया पर देखा कि मध्य प्रदेश का एक बच्चा आया हुआ था। उसने अपने बैग से एक टिफिन निकाला और उस टिफिन में कुछ मूंगफली के दाने थे, एक प्याज का टुकड़ा था और अचार था। उसको लेकर वह मध्य प्रदेश से यहां पर पहुंचा हुआ है। वह एमएससी का छात्र था। किस जज्बे के साथ लोग पूरे देश भर से दिल्ली पहुंच रहे हैं। मंगलवार रात कनॉट प्लेस, जनपथ और जंतर-मंतर पूरा भरा हुआ था। लोग अलग-अलग राज्यों से वहां पहुंच रहे थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारा सरकार से यह कहना है कि पेपर लीक हो रहे हैं, इवैल्यूएशन सिस्टम गड़बड़ा रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था और एग्जामिनेशन सिस्टम के अंदर बहुत बड़े रैकेट चल रहे हैं। इसको ठीक करने की जिम्मेदारी सरकार की थी, लेकिन सरकार अपना काम नहीं कर पाई और फेल हो गई। अब जब लोगों ने सरकार से शिकायत की तो जनता को उसका समाधान नहीं दिया। जब समाधान नहीं दिया तो लोग सड़कों पर उतरे और जब सड़कों पर उतरे तो उन पर लाठीचार्ज कराया गया और बर्बरता से उनको मारा गया। यह सही नहीं है। सरकार को इनकी बात सुननी चाहिए। ऐसा भी क्या है, शिक्षा मंत्री इस्तीफा क्यों नहीं दे सकते? कितने मंत्री बदलते हैं, कितनी बार मंत्री बदलते हैं। शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और एग्जामिनेशन सिस्टम को दुरुस्त करना चाहिए। हम इस आंदोलन को पूरी तरह से सपोर्ट करते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार इन बच्चों को जितना रोकने की कोशिश करेगी, आंदोलन उतना बड़ा होगा। सरकार ने पहले सोनम वांगचुक को उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। सरकार को लगा कि अब आंदोलन खत्म हो जाएगा, लेकिन आंदोलन और बड़ा बन गया। सरकार ने संसद मार्च वाले दिन बहुत बुरी तरह से बर्बरता से डंडे बरसाए, लोगों के सिर फोड़ दिए, लोगों की टांगें तोड़ दीं। कई लोगों को गंभीर चोटें लगी हैं। सरकार को लगा कि अब लोग डर जाएंगे, लेकिन लोग और ज्यादा संख्या में आ गए। लोग डर नहीं रहे हैं। अगर सरकार सारे मेट्रो स्टेशन बंद कर देगी, तो लोग पैदल चलकर पहुंच जाएंगे। लोगों का पैदल चलना भी बंद कर देंगे, तो लोग कुछ ना कुछ तरीका निकालकर पहुंच जाएंगे। यह युवा हैं। इनको रोकने की कोशिश मत करो, इनकी बात मान लो, यह सरकार के अपने फायदे में रहेगा।
एक सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम शिवसेना के साथ हैं। मंगलवार को जंतर मंतर उद्धव ठाकरे भी गए थे और हम भी गए थे। हमें अलग से करने की क्या जरूरत है, हम तो उनके साथ ही हैं। देश के युवा आंदोलन कर रहे हैं और हम युवाओं के साथ हैं। हम मुद्दे का सपोर्ट करते हैं। मुद्दा यह है कि परीक्षा लीक होनी बंद होनी चाहिए। अब सब लोग समर्थन करें। जो जंतर-मंतर को समर्थन कर रहे हैं, वो जंतर-मंतर को करें। जो अपना अलग कर रहे हैं, वो अपना करें।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2024 में नीट की परीक्षा लीक हुई, उसके मास्टरमाइंड की मोदी सरकार ने समय पर चार्जशीट फाइल नहीं की। चार्जशीट 3 महीने में फाइल करनी होती है और उसको डिफॉल्ट बेल मिल गई। और ये कह रहे हैं कि हम अपना काम कर रहे हैं। जो चोर हैं, जो पेपर लीक करवा रहे हैं, उनको ऑटोमैटिक डिफॉल्ट बेल करवा रहे हैं और कह रहे हैं कि हम काम कर रहे हैं। मोदी सरकार को शर्म आनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों की तरफ से हिंसा होने के सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि क्या मीडिया मुझे एक प्रदर्शनकारी दिखा सकती है जिसके हाथ में बंदूक थी। क्या मीडिया एक प्रदर्शनकारी दिखा सकती है जिसके हाथ में डंडा था या पत्थर था या कोई हथियार था? ऐसे अच्छे-अच्छे घरों के निहत्थे बच्चों के ऊपर डंडे बरसाना, आंसू गैस छोड़ना और उनके सिर फोड़ना, यह कौन सी जिम्मेदार सरकार है, ये तो आतंकी हैं।















