Punjabi News

ईमानदारी ही मेरी असली पूंजी है: मुख्यमंत्री भगवंत मान

8

बल्लरां: अपनी राजनीति को निजी हितों के बजाय ईमानदारी और जनसेवा पर आधारित बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ने के कारण उन्हें भाजपा की ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पारंपरिक विपक्षी पार्टियां राज्य को लूटने के लिए सत्ता पर काबिज होना चाहती हैं। संगरूर के गांव बल्लरां में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर, मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत भुगतान शुरू करके तथा गांव बल्लरां और पड़ोसी गांव लहल खुर्द में विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपये जारी करके बदले की राजनीति को समाप्त कर रही है। उन्होंने कहा, “बसों, रेत या ठेकों में मेरा कोई हिस्सा नहीं है, बल्कि मेरा हिस्सा तीन करोड़ पंजाबियों के सुख-दुख में है और लोगों का विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है।”

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गांव बल्लरां (लहरागागा) में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान माताओं और बहनों द्वारा दिखाया गया अपार प्यार इस बात का प्रतीक है कि सच्चाई का सूरज कभी नहीं डूबता। बल्लरां के लोगों के साथ मेरा संबंध वर्ष 2012 से है और उन्होंने हमेशा मुझे मेरी उम्मीद से भी अधिक प्यार दिया है। पारंपरिक पार्टियों की तरह हम बदले की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। हमारा लक्ष्य आपकी बेटियों और बेटों को पढ़ाना तथा उन्हें ऊंचे पदों तक पहुंचाना है। हमने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं और माताओं तथा बहनों के बैंक खातों में सम्मान राशि जमा करने का काम भी शुरू हो चुका है। गांवों में विकास कार्यों को रुकने नहीं दिया जाएगा। इसी के तहत आज बल्लरां के लिए 35 लाख रुपये और पड़ोसी गांव लहल खुर्द के लिए 25 लाख रुपये, यानी कुल 60 लाख रुपये के अनुदान चेक सौंपे गए। आपका प्यार और आशीर्वाद ही मेरी असली ताकत है और इस ताकत को कोई हरा नहीं सकता। इंकलाब जिंदाबाद।”

‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरी ईमानदारी मेरी सबसे बड़ी दौलत है और तीन करोड़ पंजाबियों का प्यार तथा विश्वास मेरी असली ताकत है। बसों, रेत, ठेकों या सड़क किनारे लगी रेहड़ियों-फड़ियों में मेरा कोई हिस्सा नहीं है। मेरा हिस्सा पंजाब के लोगों के सुख-दुख में है। उनकी उम्मीदें मेरी जिम्मेदारी हैं और उनका संघर्ष मेरा अपना संघर्ष है। मैं लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में आया हूं और जनसेवा हमेशा मेरी सरकार का मार्गदर्शक बनी रहेगी।”

केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ रहा हूं और इसी कारण भाजपा ने ईडी तथा सीबीआई को मेरे पीछे लगा दिया है। जो लोग पंजाब के लिए आवाज उठाते हैं और उसके हितों से समझौता करने से इनकार करते हैं, उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन मैं निजी आराम के लिए कभी भी पंजाब के अधिकारों और यहां के लोगों के सम्मान से समझौता नहीं करूंगा।”

उन्होंने कहा, “विपक्षी पार्टियां पंजाब की सेवा करने के लिए नहीं, बल्कि राज्य के संसाधनों पर दोबारा कब्जा करने और उनका इस्तेमाल अपने हितों के लिए करने के उद्देश्य से सत्ता हथियाना चाहती हैं। पंजाब निजी हितों वाली राजनीति के कारण पहले ही बहुत कुछ सह चुका है। लोगों को ईमानदार नेतृत्व, अपने बच्चों के लिए अवसर और ऐसी ईमानदार सरकार चाहिए, जो मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी हो। हमारी सरकार कुछ खास लोगों की सेवा करने के बजाय इन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

पारदर्शी भर्ती के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब में पहली बार युवाओं को बिना रिश्वत या राजनीतिक सिफारिश के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। हमने पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। पीढ़ियों से युवाओं को यह विश्वास दिलाया जाता रहा है कि सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए पैसे, प्रभाव या राजनीतिक पहुंच की जरूरत होती है। हम इस मानसिकता को बदलने के लिए दृढ़ संकल्प हैं। किसी भी योग्य युवा को नौकरी पाने के लिए किसी राजनेता के पास जाने या रिश्वत देने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं का भविष्य पैसे या राजनीतिक प्रभाव के बजाय योग्यता के आधार पर तय हो। उन्होंने आगे कहा, “मैं लोगों का विश्वास मांगता हूं, क्योंकि मैं उनकी सेवा करना चाहता हूं। मेरी ताकत पंजाब के लोगों से आती है, न कि सत्ता के पदों से। जब तक वे मेरा समर्थन करते रहेंगे, मैं उनके अधिकारों, सम्मान और अगली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए लड़ता रहूंगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि करदाताओं से एकत्र किया गया प्रत्येक रुपया लोगों के कल्याण के लिए समझदारी से खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “लोगों का पैसा जनता का है और इसे विकास, बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों तथा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से उन्हीं को लौटाया जा रहा है। पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जबकि किसानों को खेतीबाड़ी के कार्यों में अधिक सुविधा प्रदान करने के लिए दिन के समय बिजली दी जा रही है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने परिवारों पर वित्तीय बोझ कम करने और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें मुफ्त बिजली, 70,000 से अधिक युवाओं को रोजगार, सड़कों में सुधार, बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं तथा टोल प्लाजा बंद करना शामिल है। इससे यात्रियों को प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा, “सार्वजनिक धन का इस्तेमाल जनहित की सेवा के लिए होना चाहिए। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि विकास का लाभ आम परिवारों तक पहुंचे, न कि कुछ खास लोगों तक सीमित रह जाए।”

राज्य की स्वास्थ्य देखभाल संबंधी पहल के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय कठिनाइयों के कारण पंजाब का कोई भी परिवार आवश्यक चिकित्सा उपचार से वंचित न रहे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य परिवारों पर स्वास्थ्य सेवाओं का वित्तीय बोझ कम करना और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्यभर के निवासियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष और इससे अधिक आयु की महिलाओं को सामान्य वर्ग की लाभार्थियों के लिए 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए 1,500 रुपये की मासिक सहायता दी जा रही है। यह राशि 1 जुलाई से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र हैं। उन्होंने कहा, “पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये रखे हैं। यह सहायता महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करने और उनकी जरूरतों को पूरा करने में उन्हें अधिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से दी जा रही है।”

शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नींव बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “केवल मुफ्त सुविधाएं और रियायती कार्ड गरीबी या अन्य सामाजिक समस्याओं को समाप्त नहीं कर सकते। शिक्षा वह कुंजी है, जो लोगों को गरीबी के चक्र से बाहर निकालने, उनके जीवन स्तर में सुधार करने और उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद कर सकती है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, स्कूल ऑफ एमिनेंस और शैक्षणिक स्तर को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से शुरू की गई विभिन्न पहलों के माध्यम से सरकारी स्कूलों में सुधार को प्राथमिकता दी है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “वर्ष 2021 में सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की थी। वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है, जो 11 गुना से अधिक की वृद्धि है। यह प्रगति शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने और आम परिवारों के विद्यार्थियों के लिए अवसर बढ़ाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।”

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और उन्हें अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने का अवसर प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने नहरी सिंचाई का विस्तार करने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार नहरी पानी उन 1,587 गांवों के खेतों तक पहुंचा है, जहां पहले कभी नहरी पानी नहीं पहुंचा था। हमारी सरकार ने नहरी सिंचाई का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने के लिए 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं कि हर खेत तक पानी पहुंचे।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार के सत्ता संभालने के बाद नहरी सिंचाई के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र 26 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में लगभग 20.89 लाख एकड़ क्षेत्र को नहरी पानी मिलता था, जबकि वर्तमान में 60.30 लाख एकड़ क्षेत्र को नहरी पानी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि पूरे राज्य में संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने और निवासियों की सुविधा के लिए लगभग 45,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण एवं उन्नयन किया जा रहा है।

युवाओं को नशे से दूर रखने में खेलों के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार पंजाब में 3,100 स्टेडियम विकसित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल से युवाओं को खेलों की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, शारीरिक गतिविधियों में भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा और गांवों में खेल प्रतिभाओं को निखारने में मदद मिलेगी।

उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण विकास उनकी प्राथमिकता बना हुआ है और यह सुनिश्चित करने के लिए अनुदान दिए जा रहे हैं कि आवश्यक विकास कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहें।

बल्लरां के लोगों के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “बल्लरां के लोगों के साथ मेरा रिश्ता वर्ष 2012 से है और उन्होंने मुझे हमेशा उम्मीद से अधिक प्यार तथा सम्मान दिया है। लोगों का अपार प्यार और आशीर्वाद, विशेषकर उन माताओं और बहनों का, जो लोक मिलनी कार्यक्रम में शामिल हुईं, ईमानदारी से उनकी सेवा जारी रखने के मेरे संकल्प को और मजबूत करता है।”

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों में विकास कार्यों को रुकने नहीं देगी। उन्होंने बल्लरां के लिए 35 लाख रुपये और पड़ोसी गांव लहल खुर्द के लिए 25 लाख रुपये की विकास अनुदान राशि देने की घोषणा की, जिससे कुल आवंटन 60 लाख रुपये हो गया है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार पारंपरिक पार्टियों की तरह बदले की राजनीति में विश्वास नहीं रखती। हमारा उद्देश्य पंजाब के बेटों और बेटियों को शिक्षित करना, उन्हें सक्षम पेशेवर और अधिकारी बनाना तथा प्रत्येक परिवार के लिए तरक्की के अवसर पैदा करना है। आपका प्यार और आशीर्वाद ही हमारी असली ताकत है और मैं पंजाब की भलाई तथा खुशहाली के लिए काम करता रहूंगा।”

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार पारदर्शी शासन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देती रहेगी तथा प्रत्येक निर्णय लोगों के कल्याण को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।