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वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने स्वास्थ्य विभाग को ठेका आधारित मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों को प्रति टीकाकरण सत्र 525 रुपये प्रोत्साहन भत्ता देने के निर्देश दिए

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चंडीगढ़: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, जो कर्मचारियों के मामलों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष भी हैं, ने आज स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को ठेका आधारित मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों को प्रति टीकाकरण सत्र 525 रुपये का विशेष प्रोत्साहन भत्ता देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह प्रोत्साहन भत्ता एक महीने में अधिकतम चार टीकाकरण सत्रों के लिए दिया जाएगा।

कर्मचारियों के मामलों के समाधान के लिए कैबिनेट सब-कमेटी की लगातार बैठकों की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री ने संबंधित विभागों को विभिन्न कर्मचारी यूनियनों की जायज मांगों, सेवाओं को नियमित करने तथा कल्याण से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।

कॉन्ट्रैक्ट मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस फैसले से इन कर्मचारियों की मासिक आय में सीधे तौर पर 2,100 रुपये तक की वृद्धि होगी। उन्होंने विभाग को सेवाओं को नियमित करने संबंधी यूनियन के मामले को समीक्षा के लिए संबंधित समिति के पास भेजने के भी निर्देश दिए।

यूनियन के प्रतिनिधियों ने प्रोत्साहन भत्ते के साथ-साथ वर्दी भत्ता और टूर भत्ता शुरू करने के लिए वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वन कर्मचारी यूनियन और पंजाब प्रदेश पल्लेदार यूनियन के साथ भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने वन विभाग को कार्मिक विभाग के साथ सक्रिय तालमेल करते हुए वन कर्मचारियों की जायज मांगों का जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को पल्लेदार यूनियन द्वारा उठाए गए सभी जायज मुद्दों का उचित समाधान करने के निर्देश दिए।

एक अन्य बैठक में वित्त मंत्री ने बिजली विभाग की विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ मुलाकात की। इनमें पावरकॉम एंड ट्रांसको ठेका कर्मचारी यूनियन, आउटसोर्स्ड एम्प्लॉइज फेडरेशन, पावरकॉम मीटर रीडर यूनियन आजाद, जी.एच.टी.पी. कॉन्ट्रैक्टर वर्कर्स यूनियन (एटक) तथा सांझा मोर्चा थर्मल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन, रोपड़ शामिल थीं। प्रतिनिधिमंडल ने मांग-पत्र सौंपते हुए राज्य सरकार से शेष सभी कर्मचारी श्रेणियों को नियमितीकरण नीति के दायरे में लाने की मांग की। उन्होंने वेतन में समय पर वृद्धि तथा कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं या जानमाल के नुकसान की स्थिति में उचित मुआवजे और सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों की भी मांग की। वित्त मंत्री चीमा ने उनकी चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए यूनियन प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी मांगों की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा कर रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

इन बैठकों के दौरान कॉन्ट्रैक्ट मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर यूनियन की ओर से सरबजीत कौर, सतिंदर कौर, प्रभदीप कौर और अमरीक सिंह मोहाली; पावरकॉम एंड ट्रांसको ठेका कर्मचारी यूनियन की ओर से बलिहार सिंह; आउटसोर्स्ड एम्प्लॉइज फेडरेशन की ओर से कुलजीत सिंह; पावरकॉम मीटर रीडर यूनियन आजाद की ओर से गुरविंदर सिंह; जी.एच.टी.पी. कॉन्ट्रैक्टर वर्कर्स यूनियन (एटक) की ओर से सुखविंदर सिंह; सांझा मोर्चा थर्मल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन की ओर से बलविंदर सिंह सैनी; वन कर्मचारी यूनियन की ओर से अमरीक सिंह, जसविंदर सिंह, अमनदीप सिंह और सुलखण सिंह तथा पंजाब प्रदेश पल्लेदार यूनियन की ओर से अमरजीत सिंह, धन्ना सिंह, गुरध्यान सिंह, रणधीर सिंह और करमजीत सिंह ने अपने मुद्दे और मांगें रखीं।