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दिल्ली में आज CJP की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली; कनॉट प्लेस से लेकर खान मार्केट तक शटडाउन के कारण व्यापारियों ने जताई चिंता, खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शुक्रवार शाम 5 बजे दिल्ली में कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली करने जा रही है। पार्टी की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। साथ ही, वह आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का विरोध करेगी।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी में बार-बार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों का असर अब शहर के प्रमुख शॉपिंग केंद्रों पर दिखने लगा है। खान मार्केट और कनॉट प्लेस के व्यापारियों ने चिंता जताई है कि त्योहारों के मौसम में बार-बार दुकानें बंद रहने के कारण उन्हें भारी व्यापारिक नुकसान हो रहा है और उनकी आजीविका पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

खान मार्केट एसोसिएशन ने विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि इससे कारोबार को नुकसान हो रहा है। वहीं, कनॉट प्लेस (CP) के दुकानदारों का कहना है कि सुरक्षा पाबंदियों, बैरिकेड्स और बाजार तक पहुंचने को लेकर चिंताओं के कारण वहां आने वाले ग्राहकों की संख्या में कमी आई है।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले, 16 और 17 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद किए जाने से व्यापारियों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। उन्हें डर है कि इससे कारोबार को और नुकसान होगा, क्योंकि ग्राहक इस इलाके में आने से बच रहे हैं।

CJP की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है।

खान मार्केट के व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

खान मार्केट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने बार-बार होने वाले विरोध-प्रदर्शनों और व्यापार पर उनके असर को देखते हुए कोर्ट से दखल देने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि कामकाज में रुकावट आने से उनकी कमाई पर असर पड़ रहा है और उनकी रोजी-रोटी खतरे में पड़ गई है।

दुकानदारों के बीच चिंता बढ़ रही है क्योंकि ग्राहकों का आना कम हो गया है और बार-बार काम में रुकावट आने से उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी को पत्र

एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर बार-बार होने वाले विरोध-प्रदर्शनों पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया है कि इससे भारी नुकसान हो रहा है और व्यापार में बाधा आ रही है। एसोसिएशन का तर्क है कि कोर्ट को व्यापारियों की बात भी सुननी चाहिए, क्योंकि इन प्रदर्शनों और उसके कारण लगाई गई पाबंदियों का सबसे ज्यादा खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ रहा है।

एसोसिएशन के अनुसार, विरोध-प्रदर्शनों के डर से ग्राहक वहां नहीं आ रहे हैं, जिसकी वजह से खान मार्केट को हर दिन लगभग 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। कुछ दुकानों का किराया तो रोजाना 3 लाख रुपये तक है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आने से उनके कारोबार पर बहुत बड़ा आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

CJP के मार्च से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम

CJP के मार्च से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कनॉट प्लेस और आसपास इलाकों में 6,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 220 कंपनियां यानी करीब 22 हजार जवान तैनात किए गए हैं। निगरानी के लिए CCTV कैमरों का नेटवर्क भी बढ़ाया गया है। इसके अलावा, इन इलाकों में BNSS की धारा 163 लागू है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत कनॉट प्लेस, राजीव चौक, जंतर-मंतर, पालिका बाजार, मेट्रो स्टेशनों और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, ITO और संसद मार्ग समेत कई जगह बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दूसरे जिलों से 5,000 अतिरिक्त कर्मियों को भी तैयार रखा है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि 16 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से सेंट्रल पार्क में होने वाले एक प्रस्तावित कार्यक्रम के कारण कनॉट प्लेस के आसपास ट्रैफिक में रुकावट आ सकती है।