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दो वर्षों में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 39,320 ओ.बी.सी. विद्यार्थियों को 15.72 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति सहायता: डॉ. बलजीत कौर

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चंडीगढ़, 31 अगस्त: पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी होनहार बच्चा आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओ.बी.सी.) के विद्यार्थियों को शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम फॉर ओ.बी.सी. के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 14,320 विद्यार्थियों को 5.72 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति सहायता जारी की गई। उन्होंने कहा कि इस सहायता से हजारों विद्यार्थियों को आर्थिक बोझ से राहत मिली है और वे निर्बाध रूप से अपनी पढ़ाई जारी रखने में सक्षम हुए हैं।

डॉ. बलजीत कौर ने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25,000 ओ.बी.सी. विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ देने के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा जारी रखने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता मिलेगी और वे अपने सुनहरे भविष्य के सपनों को साकार कर सकेंगे।

योजना के समग्र प्रभाव का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान कुल 39,320 ओ.बी.सी. विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए 15.72 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य सरकार के इस दृढ़ इरादे का प्रतीक है कि प्रत्येक योग्य विद्यार्थी को बिना किसी आर्थिक बाधा के शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावशाली साधन है। उन्होंने कहा कि जब बच्चों को पढ़ने-लिखने के समान अवसर मिलते हैं तो न केवल उनका भविष्य उज्ज्वल होता है, बल्कि परिवार, समाज और राज्य की प्रगति को भी नई दिशा मिलती है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए जनहितैषी और पारदर्शी नीतियां लागू कर रही है। बच्चों की शिक्षा में किया जा रहा यह निवेश एक समानतापूर्ण, खुशहाल, प्रगतिशील और रंगले पंजाब की मजबूत नींव साबित होगा, जहां हर बच्चे को अपनी योग्यता के अनुसार आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलेगा।