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इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर मौत मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने किया चौंकाने वाला खुलासा, मरने के वक्त वो 7 हफ़्ते की गर्भवती थीं

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सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर 28 वर्षीय मंजीत कौर की 26 अगस्त को चंडीगढ़ के अस्पताल में इलाज के दौरान को मौत हो गई थी. आरोप है कि मंजीत को चंडीगढ़ से अगवा करके बाद में मोरिंडा में पेड़ से बांधकर जला दिया गया था. वहीं अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. ऑटोप्सी रिपोर्ट के मुताबिक, मंजीत कौर लगभग सात हफ़्ते की गर्भवती थीं।

बता दे कि बुरी तरह जलने के लगभग दो महीने बाद, 26 अगस्त को चंडीगढ़ के पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) में इलाज के दौरान 28 वर्षीय मंजीत कौर की मौत हो गई।

चंडीगढ़ पुलिस FIR में नामज़द दो संदिग्धों शुभी और पिंडा का पता लगाने और उन्हें गिरफ़्तार करने की कोशिश कर रही है। मंजीत कौर की माँ कांता देवी की शिकायत पर इन दोनों के ख़िलाफ़ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया गया था।

मंजीत की मां की शिकायत के अनुसार, शुभी और पिंडा, जो मंजीत कौर के परिचित थे, ने उसे 3 और 4 जुलाई की दरमियानी रात चंडीगढ़ के सेक्टर 34 में बुलाया था।

आरोप है कि 3 जुलाई को संदिग्धों ने कौर को ज़बरदस्ती कार में बिठाया और चंडीगढ़ से मोरिंडा ले गए, जहाँ उनके साथ मारपीट की गई, मंजीत को शहतूत के पेड़ से बांधा और आग लगा दी गई।

मंजीत कौर का एक दोस्त मौके पर पहुँचा, उसने कंबल से आग बुझाई और उन्हें मोरिंडा के एक स्थानीय अस्पताल ले गया। बाद में उन्हें मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल में भेजा गया और फिर 9 जुलाई को PGIMER में भर्ती कराया गया। 5 अगस्त को उन्हें कुछ देर के लिए होश आया, लेकिन हफ़्तों तक ज़िंदगी की जंग लड़ने के बाद 26 अगस्त को चोटों की वजह से उनकी मौत हो गई।

इस मामले ने मंजीत कौर का बयान दर्ज करने में हुई कथित देरी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इलाज के दौरान मंजीत कौर को होश आ गया और उन्होंने अपना बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई। खबर है कि PGIMER पुलिस पोस्ट ने खरड़ सदर पुलिस को सूचित किया कि वह होश में हैं और बयान देने की हालत में हैं।

सूत्रों का कहना है कि यह जानकारी जांच अधिकारी को भी दी गई थी, लेकिन आरोप है कि वह अस्पताल नहीं पहुंचे।

पुलिस अपहरण से जुड़ी परिस्थितियों और अपराध के पीछे के मकसद का पता लगाने के साथ-साथ दो संदिग्धों की भूमिका का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है। जांच करने वाले अधिकारी चंडीगढ़ और मोरिंडा के बीच के रास्ते पर लगे CCTV फुटेज की भी जांच कर रहे हैं और घटनाओं के क्रम को समझने के लिए जान-पहचान वाले लोगों से पूछताछ कर रहे हैं।