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पंजाब सरकार द्वारा वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत अब तक 1,785.29 करोड़ रुपये जारी; 24 लाख से अधिक बुजुर्गों को लाभ: डॉ. बलजीत कौर

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  • वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान; पात्र लाभार्थियों को समय पर पेंशन सुनिश्चित करने पर जोर
  • ‘हमारे बुजुर्ग हमारा मान’ अभियान के तहत बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और सम्मानजनक जीवन के लिए पंजाब सरकार प्रतिबद्ध

चंडीगढ़, 20 अगस्त: पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा ‘हमारे बुजुर्ग हमारा मान’ अभियान के तहत वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक 1,785.29 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करने में सक्षम बनाने के लिए सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 24 लाख से अधिक बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को समय पर पेंशन मिलती रहे, इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इस योजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र बुजुर्ग व्यक्ति को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष तथा 58 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र हैं, बशर्ते उनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 60,000 रुपये से अधिक न हो। इसके अलावा, आवेदक के पास 2.5 एकड़ से अधिक नहरी भूमि अथवा 5 एकड़ से अधिक बंजर/बरानी भूमि नहीं होनी चाहिए।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार अपने बुजुर्गों को समाज की अनमोल पूंजी मानती है। उनके मान-सम्मान को बनाए रखने, सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है, ताकि प्रत्येक बुजुर्ग सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सके।

मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बुजुर्ग इस योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वृद्धावस्था पेंशन निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में जारी करना सुनिश्चित किया जाए। इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा देरी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।