- पीएसईबी पेपर लीक और फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा घोटाले का किया जिक्र
- सवाल: क्या इन पेपर लीक मामलों में कभी किसी को सजा मिली है?
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य में बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं और उन्हें रोकने में विफल रही आम आदमी पार्टी सरकार पर कड़े सवाल उठाए हैं।
यहां जारी एक बयान में वड़िंग ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस) द्वारा आयोजित फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा का हवाला दिया, जिसमें तकनीक के जरिए नकल किए जाने के मामले सामने आए थे।
इस दौरान, उन्होंने इससे पहले हुए अन्य पेपर लीक मामलों का भी उल्लेख किया, जिनमें पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) की 12वीं कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा का पेपर लीक, पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (पीएसटीईटी) में हुई अनियमितताएं तथा पंजाब ग्रुप-बी भर्ती परीक्षा से जुड़े विवाद शामिल हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने जोर देते हुए, कहा कि पंजाब सरकार को पेपर लीक की घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए दोषियों को सजा देनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब आम आदमी पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर सकती है, जो कि निश्चित रूप से इस्तीफा दें, तो पंजाब में वही मानदंड क्यों नहीं अपनाया जा रहा? उन्होंने कहा कि पंजाब में दोषियों को बचाने से आप के दोहरे मापदंड उजागर हो गए हैं।
वड़िंग ने फरवरी 2023 में हुए पीएसईबी की 12वीं कक्षा के अंग्रेजी पेपर लीक का हवाला देते हुए, कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद बोर्ड को परीक्षा वाले दिन ही उसे रद्द करना पड़ा था।
इसी तरह मार्च 2023 में पंजाब स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (पीएसटीईटी) के अभ्यर्थियों को कुछ प्रश्नपत्र पुस्तिकाओं में ही उत्तर-कुंजियां छपी हुई मिली थीं।
उन्होंने कहा कि इन दोनों मामलों में आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पिछले वर्ष दिसंबर में हुई पंजाब अधीन सेवाएं चयन बोर्ड (पीएसएसएसबी) की ग्रुप-बी भर्ती परीक्षा से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया, जिसमें प्रश्न पत्र से छेड़छाड़ और अन्य अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे।
वड़िंग ने सरकार से पूछा कि इन मामलों के दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है और क्या उच्च स्तर पर किसी की जवाबदेही तय की गई है? उन्होंने आम आदमी पार्टी से कहा कि जो उपदेश दूसरों को देते हैं, उन्हें स्वयं भी अमल में लाएं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन इसके साथ ही आम आदमी पार्टी को भी पंजाब में जवाबदेही तय करनी चाहिए।

















