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मोदी सरकार पेपर लीक मामले में न्याय मांग रहे युवाओं पर लाठीचार्ज कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है: CM भगवंत मान

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  • -‘आप’ युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है और युवाओं तथा किसानों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • -पंजाब सरकार निजी स्कूलों की फीस निर्धारित करने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • -पहली बार पंजाब के सरकारी स्कूलों के 881 विद्यार्थियों ने वर्ष 2026 में नीट परीक्षा उत्तीर्ण की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
  • -शिक्षा सेवा है, व्यापार नहीं; पंजाब सरकार विद्यार्थियों का व्यावसायिक शोषण नहीं होने देगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़: राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पूर्ण समर्थन देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पेपर लीक मामलों में जवाबदेही की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

एक प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश का युवा शिक्षा के माध्यम से अपना भविष्य बदलना चाहता है, लेकिन परीक्षाओं के बार-बार पेपर लीक होने की घटनाएं उसके सपनों को चकनाचूर कर रही हैं। एक ओर प्रधानमंत्री स्वयं को ‘विश्वगुरु’ के रूप में प्रस्तुत करते हैं, वहीं दूसरी ओर वे यह स्वीकार करने में विफल रहे हैं कि देश के भीतर ही युवाओं का भविष्य खतरे में डाला जा रहा है। जब भी युवाओं ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है, तब केंद्र सरकार ने न्याय सुनिश्चित करने के बजाय लाठीचार्ज का रास्ता अपनाया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “देश ने वर्ष 2017, 2019, 2022, 2024 और अब एक बार फिर 2026 में परीक्षा पत्र लीक होते देखे हैं। लेकिन जवाबदेही तय करने के बजाय केंद्र सरकार इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों को बचा रही है। प्रधानमंत्री विद्यार्थियों को परीक्षाओं की तैयारी करना तो सिखाते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी सरकार के अधीन संस्थाओं को कभी यह नहीं सिखाया कि परीक्षाएं पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा के साथ कैसे आयोजित की जाएं।”

उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय नेतृत्व युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करती रहेगी। इसी प्रकार हरियाणा सरकार का वह निर्णय भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसके तहत किसानों को प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी जाने से रोका जा रहा है।मुख्य मंत्री ने कहा कि मैं केंद्र और हरियाणा सरकार दोनों से अपील करता हूं कि वे ऐसी मनमानी कार्रवाइयों के माध्यम से किसानों के रास्ते में बाधा न बनें। हरियाणा सरकार को पिछली गलतियों को दोहराने से बचना चाहिए और किसानों को शांतिपूर्वक राष्ट्रीय राजधानी जाने की अनुमति देनी चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। यह आश्चर्यजनक है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न तो संवाद करते हैं और न ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मीडिया को संबोधित करते हैं। प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर किसानों में चिंताएं बढ़ रही हैं और प्रधानमंत्री को उनके साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए।”

निजी स्कूलों की फीस निर्धारित करने संबंधी पंजाब सरकार के अध्यादेश को निजी स्कूल एसोसिएशनों द्वारा अदालत में चुनौती दिए जाने संबंधी प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा, “अदालत जाना उनका कानूनी अधिकार है, लेकिन पंजाब सरकार अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “अमृतसर के एक निजी स्कूल की छात्रा द्वारा की गई आत्महत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है, विशेषकर तब जब उसने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। शिक्षा सेवा है, व्यापार नहीं। पंजाब सरकार विद्यार्थियों के जीवन की कीमत पर शिक्षा के क्षेत्र में मुनाफाखोरी की अनुमति नहीं देगी। फीस नियंत्रण अध्यादेश शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने तथा यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है कि निजी स्कूल मुनाफे के बजाय विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में कार्य करें।”

उन्होंने कहा, “शिक्षा एक पवित्र और महान मिशन है। यह जनकल्याण का कार्य है, न कि लाभ कमाने वाला व्यवसाय। पंजाब के प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पंजाब के सरकारी स्कूलों की उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों को अब पूरे देश में मान्यता मिल रही है, जो इन पर जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “जहां वर्ष 2021 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की थी, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर रिकॉर्ड 881 हो गई है। पंजाब ने सरकारी स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित करने में भी अग्रणी भूमिका निभाई, जिसमें लगभग 24 लाख अभिभावकों ने भाग लिया। सरकारी स्कूलों के लगभग 20 हजार विद्यार्थियों, जिनमें 12 हजार छात्राएं शामिल हैं, को राज्य सरकार द्वारा निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।”

उन्होंने कहा, “पंजाब के सरकारी स्कूलों पर लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और हम इनके बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करते रहेंगे।”

अकाली दल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक मानचित्र से समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पार्टी का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है। पिछली विधानसभा में इसके तीन विधायक चुने गए थे, लेकिन अगले चुनाव में एक भी विधायक निर्वाचित नहीं होगा।