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वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा कर्मचारी यूनियनों के मुद्दों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण बैठकें

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  • बैठकों में शिक्षा कर्मचारियों के वेतन, स्थानांतरण और नियमितीकरण के मुद्दों पर केंद्रित ध्यान
  • मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए दिए गए आश्वासन पर विचार-विमर्श

चंडीगढ़:पंजाब सरकार ने प्रदेश की विभिन्न कर्मचारी एसोसिएशनों और यूनियनों की वैध मांगों के समाधान के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व वाली कैबिनेट उप-समिति ने आज कई यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ सीधी बातचीत करने के लिए महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों के दौरान सौंपे गए ज्ञापनों की बारीकी से समीक्षा की गई और कर्मचारी यूनियनों द्वारा उठाई गई पेशेवर और वित्तीय शिकायतों के समाधान के लिए विचार-विमर्श किया गया।

इस विस्तृत वार्तालाप के दौरान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा कर्मियों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया, जिसमें 3704 अध्यापक यूनियन, ई.टी.टी. 2364 अध्यापक यूनियन, ई.टी.टी. टेट पास अध्यापक यूनियन (जय सिंह वाला) और 10 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन के ज्ञापनों की समीक्षा की गई। बैठक में वेतन निर्धारण, स्थानांतरण और नियमितीकरण(रेगुलर करने) संबंधी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उठाए गए मसलों का तुरंत संज्ञान लेते हुए, वित्त मंत्री ने विभाग को इन वैध मांगों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।

 

शिक्षा क्षेत्र के अलावा, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन पंजाब के प्रतिनिधिमंडल के साथ भी बैठक की। एसोसिएशन ने प्रदेश में मेडिकल प्रैक्टिशनर्स द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता हुआ एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। बैठक के दौरान, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तुरंत शुरू करने की उनकी प्रमुख मांग का मूल्यांकन किया गया। वित्त मंत्री ने इन प्रैक्टिशनर्स द्वारा जमीनी स्तर पर प्रदान की जा रही आवश्यक सेवाओं की सराहना की और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों के सहयोग से उनके औपचारिक प्रशिक्षण में तेजी लाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदमों पर विचार-विमर्श किया।

इन बैठकों के दौरान 3704 अध्यापक यूनियन की ओर से हरजिंदर सिंह, यादविंदर सिंह और जीवनजोत सिंह; ई.टी.टी. 2364 अध्यापक यूनियन की ओर से समरजीत सिंह, गुरदीप सिंह और जुगराज सिंह; ई.टी.टी. टेट पास अध्यापक यूनियन (जय सिंह वाला) की ओर से कमल ठाकुर, सोहन सिंह और गुरमुख सिंह; 10 वर्ष सेवा पूरी कर चुके कच्चे अध्यापक यूनियन की ओर से जसपाल सिंह, ममता, तजिंदर कौर और किरनजीत कौर; और मेडिकल प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन की ओर से डॉ. रमेश बाली, डॉ. मघर सिंह माशल और डॉ. अंग्रेज सिंह सेमा ने अपने-अपने मुद्दे उठाए।