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NASA का महामिशन: धरती की ओर गिर रहे ‘ब्रह्मास्त्र’ को बचाने के लिए खर्च करेगा 30 हजार करोड़

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इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) अपने एक पुराने लेकिन बेहद महत्वपूर्ण ‘ब्रह्मास्त्र’ यानी स्विफ्ट टेलीस्कोप (Swift Telescope) को बचाने के लिए एक विशाल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने जा रही है। अंतरिक्ष से आ रही बड़ी खबर के अनुसार, यह टेलीस्कोप धीरे-धीरे अपनी कक्षा (ऑर्बिट) खो रहा है और धरती की ओर गिर रहा है। इसे बचाने के लिए नासा करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रहा है।

क्यों जरूरी है स्विफ्ट टेलीस्कोप?
स्विफ्ट टेलीस्कोप पिछले दो दशकों से ब्रह्मांड के रहस्यों को सुलझाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह विशेष रूप से अंतरिक्ष में होने वाले गामा-रे बर्स्ट (Gamma-ray bursts) जैसे शक्तिशाली विस्फोटों और अन्य बड़ी खगोलीय घटनाओं पर नजर रखता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह आज भी पूरी तरह से कार्यात्मक है और ब्रह्मांड की महत्वपूर्ण जानकारी भेज रहा है, इसलिए इसे खोना विज्ञान के लिए बड़ा नुकसान होगा,।

मिशन की मुख्य बातें:

बचाव का तरीका: नासा इस मिशन के लिए पेगासस रॉकेट का इस्तेमाल करेगा। पहली बार किसी पुराने उपग्रह को बचाने के लिए इस तरह का विशेष अंतरिक्ष मिशन चलाया जा रहा है।
तकनीकी खराबी: साल 2004 में लॉन्च किए गए इस टेलीस्कोप की बैटरी अब कमजोर हो गई है और इसके सोलर पैनल पहले की तरह काम नहीं कर रहे हैं, जिससे यह अपने रास्ते से भटक कर नीचे आ रहा है।
प्राइवेट पार्टनरशिप: नासा ने इस काम की जिम्मेदारी कैटेलिस्ट स्पेस टेक्नोलॉज को सौंपी है, जो स्विफ्ट को वापस ऊपरी कक्षा में पहुंचाने के लिए बूस्टर सिस्टम प्रदान करेगी।
समय सीमा: नासा के विज्ञान प्रमुख निक फॉक्स के अनुसार, स्विफ्ट को सितंबर तक सुधार की जरूरत है और उम्मीद है कि यह रेस्क्यू मिशन अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
हबल टेलीस्कोप पर भी मंडरा रहा खतरा रिपोर्ट्स के मुताबिक, न केवल स्विफ्ट बल्कि नासा का मशहूर हबल स्पेस टेलीस्कोप भी अब उम्रदराज हो रहा है। करीब 36 साल पुराना हो चुका हबल भी भविष्य में इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर सकता है, जिसे लेकर वैज्ञानिक अभी से चिंतित हैं।

नासा की प्राथमिकता इस समय स्विफ्ट को सुरक्षित ऑर्बिट में वापस पहुंचाना है ताकि ब्रह्मांड की निगरानी का काम बिना रुके जारी रह सके,।