NEET Re-Exam: देशभर में कल यानि की 21 जून को NEET की परीक्षा होने वाली है। इससे पहले NTA ने इसके लिए एडमिड कार्ड जारी करने शुरु कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि इस परीक्षा में 22 लाख छात्र शामिल होने वाले हैं। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले एनटीए की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इसने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शी व्यवस्था के दावों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आइए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला-
यह है पूरा मामला
दरअसल नागपुर के रहने वाले छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद को परीक्षा से ठीक दो दिन पहले जो एडमिट कार्ड मिला, उसने पूरे परिवार के होश उड़ा दिए। NTA ने अब्दुल्ला का परीक्षा केंद्र भारत में न देकर सीधे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में अलॉट कर दिया। अब्दुल्ला ने फॉर्म भरते समय परीक्षा केंद्र के लिए अपनी पहली प्राथमिकताओं में नागपुर, वर्धा और भंडारा जैसे स्थानीय शहरों को चुना था। इससे पहले हुई परीक्षा में उसे नागपुर में ही केंद्र मिला था। लेकिन इस बार एनटीए की तकनीकी गड़बड़ी के कारण उसे सात समंदर पार का सेंटर दे दिया गया। छात्र और उसके परिजनों ने बताया कि अब्दुल्ला के पास पासपोर्ट तक नहीं है। ऐसे में महज 24 से 48 घंटों के भीतर पासपोर्ट और वीजा का इंतजाम कर परीक्षा देने विदेश जाना पूरी तरह असंभव है। परीक्षा में केवल एक दिन का समय शेष रहने के कारण छात्र और उसका परिवार भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
आज शाम तक जारी होगा नया एडमिट कार्ड
इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद छात्र ने तुरंत एनटीए की हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता अनीस अहमद ने भी इस पर हस्तक्षेप किया।
अनीस अहमद के अनुसार, अधिकारियों से संपर्क करने पर एनटीए ने अपनी तकनीकी गलती को स्वीकार किया है। एजेंसी की ओर से आश्वासन दिया गया है कि आज (शनिवार) शाम 4 बजे तक छात्र की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा और नागपुर का नया परीक्षा केंद्र आवंटित करते हुए संशोधित एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा। हालांकि, जब तक नया हॉल टिकट छात्र के हाथ में नहीं आ जाता, तब तक परिवार असमंजस और चिंता की स्थिति में बना हुआ है।












