ऑफशोर खातों के माध्यम से केजेडएफ कार्यकर्ताओं को फंडिंग उपलब्ध कराने में मदद कर रहे थे डिपोर्ट किए गए आरोपी: डीजीपी गौरव यादव
पंजाब पुलिस ने दोनों आरोपियों को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया
चंडीगढ़:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से प्रतिबंधित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) से जुड़े दो वांछित कार्यकर्ताओं को मलेशिया से डिपोर्ट करवाने में सफलता हासिल की है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां दी।
पंजाब पुलिस ने आरोपियों को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया और आगे की जांच के लिए उन्हें पंजाब लाया गया है।
डीजीपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान गुरविंदर सिंह निवासी अंबाला तथा मनजीत सिंह निवासी पटियाला के रूप में हुई है। दोनों आरोपी पंजाब में समर्पित माल कॉरिडोर लाइनों सहित महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने में शामिल केजेडएफ समर्थित आतंकवादी मॉड्यूल के मलेशिया आधारित कार्यकर्ता हैं।
यह कार्रवाई 23 जनवरी 2026 को सरहिंद रेलवे लाइन पर हुए आईईडी विस्फोट तथा 27 अप्रैल 2026 को पटियाला के शंभू में उसी रेलवे लाइन पर विस्फोट करने के प्रयास के मामले में चार कट्टरपंथियों की गिरफ्तारी के बाद की गई है। पंजाब पुलिस ने इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने आरोपियों के कब्जे से एक रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) लॉन्चर, 2.296 किलोग्राम वजन का एक धातुयुक्त आईईडी, डेटोनेटर और बैटरी, 1.456 किलोग्राम वजन के आरडीएक्स के दो पैकेट, दो हैंड ग्रेनेड, छह आधुनिक पिस्तौलें तथा उनके मैगजीन और कारतूस बरामद किए थे।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैली इस साजिश की जांच के दौरान मलेशिया से संचालित केजेडएफ हैंडलरों और वित्तीय सहायता प्रदान करने वालों की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि डिपोर्ट किए गए आरोपी पंजाब में केजेडएफ कार्यकर्ताओं को ऑफशोर खातों के माध्यम से आतंकवादी फंड भेजने तथा राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था को भंग करने के लिए आतंकवादी हमलों की योजनाओं को अंजाम देने में सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को गुरुवार को पटियाला की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि व्यापक नेटवर्क का पर्दाफाश करने और साजिश में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) विंग के अंतर्गत विदेशों में बैठे अपराधियों तक पहुंच बनाने और उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तेज करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) काउंटर इंटेलिजेंस अशीष चौधरी के नेतृत्व में ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) की स्थापना की है, ताकि उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए पंजाब वापस लाया जा सके।










