Home Breaking केंद्र सरकार की लापरवाही के कारण मंडियों में लगे गेहूं के अंबार...

- कहा – मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारियों से न भागे और अनाज का तुरंत करवाए उठान
- मंडियों में 120.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की हुई आमद, 119.12 लाख मीट्रिक टन की हुई खरीद
चंडीगढ़ : पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य की मंडियों में किए गए पुख्ता प्रबंधों के चलते गेहूं के खरीद कार्य सुचारू ढंग से चल रहे हैं। राज्य की मंडियों में अब तक 120.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आमद हुई है, जिसमें से 119.12 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। किसानों को फसल का भुगतान भी किया जा रहा है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है और फसल का उठान करवाने में लापरवाही बरत रही है। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण आज पंजाब की मंडियों में फसल के अंबार लगे हुए हैं और किसानों की पुत्रों की तरह पाली हुई फसल रुलने के लिए मजबूर है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाब का माहौल खराब करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं और केंद्र सरकार के सौतेले व्यवहार के कारण ही पंजाब की मंडियों से गेहूं के उठान को लेकर समस्याएं पेश आ रही हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने पहले ही पंजाब का रूरल डेवलपमेंट फंड रोका हुआ है और अब फसल नहीं उठा रही है। पंजाब के सभी गोदाम और शैलर अनाज से भरे हुए हैं, जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा शिफ्ट करने में देरी की जा रही है। जिस कारण मंडियों में अनाज रुल रहा है और मौसम की खराबी की वजह से फसल बारिश में भीग रही है। इससे सभी को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मंडियों में पुख्ता प्रबंध किए गए हैं, लेकिन मौसम खराब होने के कारण यदि खरीदी गई गेहूं भीग जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से तुरंत अनाज उठवाने की अपील की, ताकि सभी को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य की मंडियों में गेहूं के खरीद कार्यों को सुचारू ढंग से चलाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मंडियों में साफ-सफाई, पीने का पानी, बाथरूम, छाया, बैठने आदि के पूरे प्रबंध हैं, ताकि किसानों, आढ़तियों और मजदूरों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से गेहूं की खरीद करवाने के लिए कुल 1896 मंडियां घोषित की गई हैं, जिसमें 153 मुख्य यार्ड, 288 सब-यार्ड और 1455 खरीद केंद्र आते हैं। इसके साथ ही गेहूं की फसल की आमद को ध्यान में रखते हुए 986 अस्थायी मंडियां भी घोषित की हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक मंडियों में 120.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आमद हो चुकी है और 119.12 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जिसमें से 68.81 लाख मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग हो चुकी है। उन्होंने बताया कि 3 मई को राज्य की मंडियों में 94,736 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हुई, जबकि 1.17 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। किसानों को लगभग 27343.09 करोड़ रुपये की अदायगी उनके बैंक खातों में किया जा चुका है। स. बरसट ने आगे बताया कि सरकारी एजेंसियों द्वारा 117.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जिसके तहत पनग्रेन द्वारा 38,51,335 मीट्रिक टन, एफ.सी.आई. द्वारा 2,37,447 मीट्रिक टन, मार्कफेड द्वारा 30,33,077 मीट्रिक टन, पनसप द्वारा 27,44,949 मीट्रिक टन और वेयर हाउस द्वारा 19,07,852 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। इसके साथ ही प्राइवेट स्तर पर 1,37,328 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है।
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