पंजाब विधानसभा द्वारा श्रमिकों के योगदान को याद करने के लिए मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सत्र के दौरान मनरेगा की जगह जी-राम-जी योजना लागू होने से मजदूरों पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार-विमर्श होगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
राष्ट्रीय और वैश्विक बदलावों के दौरान मजदूर वर्ग के सामने उभर रही चुनौतियों पर चर्चा करेगी पंजाब विधानसभा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
चंडीगढ़:राज्य के श्रमिक वर्ग के सम्मान में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने 1 मई को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब कैबिनेट द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण फैसले के तहत 1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया गया है। यह एक दिवसीय सत्र देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मेहनतकश श्रमिकों और कारीगरों को समर्पित होगा।”
उन्होंने आगे लिखा, “इस ऐतिहासिक पहल के तहत मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में सदन में आमंत्रित किया जाएगा। इस सत्र में मजदूर वर्ग पर मनरेगा योजना में बदलाव के प्रभाव के साथ-साथ उन्हें प्रभावित करने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर भी गंभीर चर्चा की जाएगी।”
उन्होंने कहा, “सत्र के दौरान विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी द्वारा निर्धारित अन्य आवश्यक विधायी कार्य स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार किए जाएंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएं।”
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि एक दिवसीय यह सत्र देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में श्रमिक वर्ग के महत्वपूर्ण योगदान को याद करेगा। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि मजदूर यूनियनों के प्रतिनिधियों को विशेष अतिथि के रूप में सत्र में आमंत्रित किया जाएगा।
सत्र में मनरेगा योजना को बदलकर जी-राम-जी योजना लागू करने से श्रमिक वर्ग पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर भी चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे बदलावों के संदर्भ में मजदूर वर्ग के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होगा।निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, विधायी कार्यों को विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी द्वारा अंतिम रूप दिया जाएगा। यह विशेष सत्र उन लाखों श्रमिकों को समर्पित होगा, जिन्होंने देश को एक मजबूत और सफल लोकतंत्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।











