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1979 के बाद सोने का सबसे बड़ा उछाल, चार दशक का सबसे मजबूत प्रदर्शन

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बिजनेस डेस्कः वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर डॉलर के बीच सोने ने एक बार फिर अपनी चमक साबित कर दी है। साल 2025 में सोने की कीमतों में ऐसा उछाल देखने को मिला है, जो 1979 के बाद सबसे बड़ा माना जा रहा है। सोना चार दशक से ज्यादा समय में अपने सबसे मजबूत सालाना प्रदर्शन की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।

हाजिर सोना 1.3 फीसदी की तेजी के साथ 4,387.29 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे पहले सोमवार को इसमें दो महीने से अधिक समय की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज की गई थी। बीते शुक्रवार को सोने ने 4,549.71 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था। विश्लेषकों के मुताबिक, हालिया गिरावट मुनाफावसूली का नतीजा रही।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दिसंबर बैठक की कार्यवाही का इंतजार किया जा रहा है। बाजार को उम्मीद है कि अगले साल ब्याज दरों में दो बार कटौती हो सकती है। कम ब्याज दरों का माहौल आमतौर पर सोने जैसी नॉन-यील्डिंग संपत्तियों के लिए सकारात्मक माना जाता है।

भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है। रूस द्वारा यूक्रेन पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास को निशाना बनाने के प्रयास का आरोप लगाए जाने के बाद हालात और बिगड़े हैं, जिससे शांति समझौते की संभावनाओं को झटका लगा है।
कमजोर डॉलर, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद और ईटीएफ में बढ़ती हिस्सेदारी के चलते इस साल सोने की कीमतों में करीब 66 फीसदी का उछाल आया है, जो 1979 के बाद का सबसे बड़ा सालाना फायदा माना जा रहा है।

चांदी में भी तेज उतार-चढ़ाव
आज चांदी की कीमत 8.80 फीसदी की गिरावट के साथ 71.09 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। हालांकि सोमवार को यह 83.62 डॉलर के ऑलटाइम हाई पर पहुंचने के बाद अगस्त 2020 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट का शिकार हुई थी।