इंटरनेशनल डेस्क: इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम की पूर्व ऑलराउंडर सूसी विल्सन रोवे इन दिनों ज़िंदगी की सबसे कठिन पारी खेल रही हैं। 38 वर्षीय सूसी को स्टेज-4 लंग कैंसर का पता तब चला, जब वे गर्भवती थीं। डॉक्टरों की शुरुआती राय में इसे मांसपेशियों में खिंचाव समझा गया, लेकिन लगातार बढ़ते दर्द ने सच्चाई का पर्दाफाश कर दिया — उनके बाएं फेफड़े में एक ट्यूमर था, जो अब रीढ़ और लिम्फ नोड्स तक फैल चुका है।
क्रिकेटर से योद्धा बनीं सूसी
इंग्लैंड के लिए 22 टी20 इंटरनेशनल और 1 वनडे मैच खेलने वाली सूसी न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्कि घरेलू क्रिकेट में केंट टीम की भी अहम खिलाड़ी रही हैं। उन्होंने ‘द हंड्रेड’ के पहले सीज़न में लंदन स्पिरिट टीम का हिस्सा बनकर शानदार प्रदर्शन किया था। लेकिन यह सफर अचानक तब थम गया जब उन्हें लगातार पसलियों और कंधे के पास दर्द महसूस होने लगा — वही दर्द जो बाद में कैंसर का संकेत साबित हुआ।
इलाज के साथ जारी है हिम्मत की पारी
वर्तमान में सूसी कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी का इलाज ले रही हैं। उन्होंने हाल ही में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे अपनी कहानी इसलिए बता रही हैं ताकि “लोग अपने शरीर की आवाज़ सुनें, और अगर कुछ असामान्य लगे तो समय रहते डॉक्टर से जांच कराएं।”
उनके मुताबिक, सही समय पर बीमारी का पता लगना ज़िंदगी बदल सकता है।
परिवार और साथी का साथ
सूसी की साथी जेनिफर विल्सन, जो तीन बार की ओलंपिक हॉकी खिलाड़ी रह चुकी हैं, इस मुश्किल दौर में उनका सबसे बड़ा सहारा बनी हुई हैं। दोनों ने इस साल मार्च में अपने बेटे जैक का स्वागत किया। परिवार ने सूसी की जंग को प्रेरणा का नाम दिया है।
क्रिकेट जगत से समर्थन
केंट काउंटी क्रिकेट क्लब ने अपने बयान में सूसी के योगदान को सलाम करते हुए कहा, “उन्होंने एक खिलाड़ी, कोच, मेंटॉर और दोस्त के रूप में खेल को नई ऊंचाई दी है। उनकी मजबूती और दयालुता ने अनगिनत लोगों को प्रेरित किया है।”











