जब इन बहनों ने मेरे हाथ पर राखी बांधी, तो यह सिर्फ भाई-बहन के प्यार का प्रगटावा नहीं था, बल्कि देश की अटूट सुरक्षा के लिए उनकी अद्भुत समर्पण भावना का प्रतीक था
मेरे लिए यह सबसे बड़ा गौरव है कि बीएसएफ की ये बहनें, घर-परिवार से दूर रहकर, अपनी ज़िंदगी का हर पल मातृभूमि की सेवा के लिए समर्पित कर रही हैं। ये हमारी असली शान और मान हैं।
मैं हर एक सैनिक बहन को नमन करता हूँ और देश के हर नागरिक से अपील करता हूँ कि वह हमारी फ़ौज और सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने में अपना योगदान दे।











