पंजाब पुलिस ने पंजाब के ड्रग-विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया है। बुधवार, 14 अक्टूबर को पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की जानकारी दी।
परविंदर सिंह झोटा को 13 अक्टूबर, मंगलवार को पंजाब के मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर हुई झड़प के दौरान गोली मार दी गई थी; उस समय झोटा मेडिकल स्टोर पर ‘चिट्टा’ (यानी हेरोइन) की बिक्री का आरोप लगाते हुए फेसबुक पर लाइव-स्ट्रीमिंग कर रहे थे। बाद में मानसा सिविल अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
इस घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है और विपक्षी नेताओं ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर ड्रग्स की समस्या से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है।
बता दें कि झोटा लंबे समय से मानसा में ड्रग्स के खिलाफ़ कैंपेन चला रहे थे और सोशल मीडिया पर लाइवस्ट्रीम के ज़रिए नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री के बारे में बताते रहते थे।
जानकारी के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब झोटा ने मानसा में एक मेडिकल स्टोर के मालिक से कथित तौर पर ड्रग्स बेचने के बारे में सवाल किया। लाइव-स्ट्रीमिंग में वो मेडिकल स्टोर के मालिक से सवाल करते नजर आए . झोटा के दावों के मुताबिक, उसके साथ आए एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उस दुकान से ड्रग्स खरीदे थे। बहस के दौरान मामला गरमा गया और दुकान के मालिक जिसकी पहचान अश्वनी कुमार के तौर पर हुई है—ने कथित तौर पर गोली चलाने से पहले पिस्तौल निकाली। गोली चलने की आवाज़ लाइवस्ट्रीम में रिकॉर्ड हो गई।
झोटा को कई गोलियां लगीं और उसे मानसा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ बाद में उसकी मौत हो गई।
विपक्ष के नेताओं ने राज्य की मान सरकार से जवाबदेही की मांग की है, जबकि झोटा की मां ने बताया कि उनके बेटे को अपनी जान का डर था।



















